लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की 301 वीं जयंती पर उमड़ा सर्व समाज, हरीश रावत बोले— “जनकल्याण और सुशासन की सबसे बड़ी मिसाल हैं अहिल्याबाई” धनगर समाज के शक्ति प्रदर्शन में कांग्रेस का राजनीतिक संदेश, मनोज धनगर के समर्थन में उठी प्रतिनिधित्व की मांग,, “2027 बदलाव का वर्ष होगा” — हरीश रावत ने भाजपा सरकार पर साधा निशाना, राव आफाक बोले- कांग्रेस धनगर समाज को देगी सम्मान

लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की 301 वीं जयंती पर उमड़ा सर्व समाज, हरीश रावत बोले— “जनकल्याण और सुशासन की सबसे बड़ी मिसाल हैं अहिल्याबाई”
धनगर समाज के शक्ति प्रदर्शन में कांग्रेस का राजनीतिक संदेश, मनोज धनगर के समर्थन में उठी प्रतिनिधित्व की मांग,,
“2027 बदलाव का वर्ष होगा” — हरीश रावत ने भाजपा सरकार पर साधा निशाना, राव आफाक बोले- कांग्रेस धनगर समाज को देगी सम्मान
इन्तजार रजा, हरिद्वार.. हरिद्वार में लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर की 301वीं जयंती के अवसर पर आयोजित भव्य समारोह सामाजिक एकता, सांस्कृतिक गौरव और राजनीतिक संदेशों का केंद्र बन गया। कार्यक्रम में उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे और लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धा व्यक्त की।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में धनगर समाज के लोगों के साथ-साथ विभिन्न समुदायों के लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम में प्रदेश धनगर समाज के अध्यक्ष मनोज धनगर, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष राव आफाक, राष्ट्रीय धनगर समाज के पदाधिकारी तथा कई सामाजिक और राजनीतिक प्रतिनिधि मौजूद रहे।
अपने संबोधन में हरीश रावत ने कहा कि अहिल्याबाई होलकर केवल किसी एक समाज की नहीं बल्कि पूरे भारत की प्रेरणा हैं। उन्होंने कहा कि एक राजमाता का लोकमाता बन जाना इस बात का प्रमाण है कि उन्होंने अपना पूरा जीवन जनता के कल्याण, सेवा और न्याय के लिए समर्पित कर दिया था।
उन्होंने कहा कि अहिल्याबाई होलकर ने मंदिरों का पुनर्निर्माण कराया, कुएं और बावड़ियां खुदवाईं तथा समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए ऐतिहासिक कार्य किए। यही कारण है कि आज भी पूरा देश उनका सम्मान करता है और उन्हें आदर्श मानता है।हरीश रावत ने कहा कि वह इस कार्यक्रम में केवल राजनीतिक कारणों से नहीं बल्कि लोकमाता के चरणों में नमन करने और धनगर समाज सहित सर्व समाज को शुभकामनाएं देने के लिए पहुंचे हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलने में विश्वास रखती है और भविष्य में भी सभी समाजों की आकांक्षाओं को सम्मान देने का प्रयास जारी रखेगी।कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस और धनगर समाज के बीच राजनीतिक समन्वय के संकेत भी देखने को मिले। राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारियों ने प्रदेश अध्यक्ष मनोज धनगर के नेतृत्व की सराहना करते हुए समाज को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की आवश्यकता पर जोर दिया।
“धनगर समाज राजनीतिक सूखे का सामना कर रहा” — मनोज धनगर
प्रदेश धनगर समाज के अध्यक्ष मनोज धनगर ने अपने संबोधन में कहा कि आज का दिन केवल जयंती का कार्यक्रम नहीं बल्कि समाज की एकता और शक्ति का प्रदर्शन भी है।उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में धनगर समाज लंबे समय से राजनीतिक प्रतिनिधित्व के अभाव से जूझ रहा है। वर्तमान समय में समाज का कोई विधायक, मंत्री या बड़ा जनप्रतिनिधि नहीं है, जबकि समाज की संख्या और योगदान दोनों महत्वपूर्ण हैं।
मनोज धनगर ने कहा कि राष्ट्रीय नेतृत्व की पीड़ा भी यही है कि समाज को उसका उचित सम्मान और प्रतिनिधित्व मिले। उन्होंने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के आदर्श समाज को आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं और उसी प्रेरणा से समाज आज संगठित होकर आगे बढ़ रहा है।उन्होंने कार्यक्रम में उमड़ी भीड़ का जिक्र करते हुए कहा कि खराब मौसम के बावजूद हजारों लोग कार्यक्रम में पहुंचे, जो इस बात का प्रमाण है कि लोकमाता के प्रति लोगों की श्रद्धा और सम्मान कितना गहरा है।
मनोज धनगर ने कहा कि कार्यक्रम में केवल धनगर समाज ही नहीं बल्कि मुस्लिम समाज, दलित समाज और अन्य वर्गों के लोग भी शामिल हुए, जिसने सामाजिक समरसता और भाईचारे का संदेश दिया।
“अहिल्याबाई पूरे भारत की धरोहर” — राव आफाक
पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष राव आफाक ने कहा कि भारत में हुए सभी महापुरुष और महान विभूतियां किसी एक जाति या समुदाय की नहीं बल्कि पूरे देश की धरोहर हैं।उन्होंने कहा कि जैसे गरीब नवाज, डॉ. भीमराव अंबेडकर, मौलाना आजाद और अन्य महापुरुषों ने समाज को दिशा दी, उसी तरह लोकमाता अहिल्याबाई होलकर ने भी जनकल्याण और सेवा का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया।
राव आफाक ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा धनगर समाज को सम्मान देने का कार्य किया है और भविष्य में भी समाज की भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास जारी रहेगा।उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में समाज को अपेक्षित प्रतिनिधित्व नहीं मिला, जबकि कांग्रेस ने पहले भी समाज को संगठन और सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी थीं।
राजनीतिक संकेत भी छोड़ गया कार्यक्रम
कार्यक्रम के दौरान आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर भी चर्चाएं सुनाई दीं। मंच से कई वक्ताओं ने समाज के राजनीतिक सशक्तिकरण की बात कही और 2027 के चुनावों को परिवर्तन का चुनाव बताया।हरीश रावत ने हालांकि सीधे चुनावी घोषणा नहीं की, लेकिन उन्होंने महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर भाजपा सरकार को घेरते हुए कहा कि जनता बदलाव चाहती है और कांग्रेस जनता की आकांक्षाओं को आवाज देने का काम करेगी।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सभी समाजों को साथ लेकर चलने वाली पार्टी है और आगे भी हर वर्ग के सम्मान और अधिकारों के लिए संघर्ष करती रहेगी।
सामाजिक समरसता का बना संदेश
कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता विभिन्न समुदायों की भागीदारी रही। मंच से कई बार इस बात का उल्लेख किया गया कि लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के विचार किसी एक समाज तक सीमित नहीं हैं बल्कि पूरे समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं।
कार्यक्रम के अंत में लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के जीवन, संघर्ष, जनसेवा और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को याद करते हुए उपस्थित लोगों ने उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।
हरिद्वार में आयोजित यह समारोह केवल एक जयंती कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि सामाजिक एकता, सांस्कृतिक गौरव और आगामी राजनीतिक समीकरणों की झलक भी देता नजर आया। लोकमाता के नाम पर जुटे सर्व समाज ने यह संदेश दिया कि सेवा, समरसता और जनकल्याण के आदर्श आज भी समाज को जोड़ने की ताकत रखते हैं।



