कांवड़ मेले के बीच हरिद्वार में रानीपुर पुलिस का बड़ा भंडाफोड़, टिहरी विस्थापित कॉलोनी में चोरी करने वाले 3 शातिर चोर गिरफ्तार,, रानीपुर पुलिस और सीआईयू की संयुक्त कार्रवाई में 5 लाख रुपये नकदी बरामदगी सहित वारदात में इस्तेमाल टैम्पो भी जब्त,, ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत बड़ी कार्रवाई, पुराने आपराधिक रिकॉर्ड वाले आरोपियों ने बंद मकानों को बनाया था निशाना

कांवड़ मेले के बीच हरिद्वार में रानीपुर पुलिस का बड़ा भंडाफोड़, टिहरी विस्थापित कॉलोनी में चोरी करने वाले 3 शातिर चोर गिरफ्तार,,
रानीपुर पुलिस और सीआईयू की संयुक्त कार्रवाई में 5 लाख रुपये नकदी बरामदगी सहित वारदात में इस्तेमाल टैम्पो भी जब्त,,
‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत बड़ी कार्रवाई, पुराने आपराधिक रिकॉर्ड वाले आरोपियों ने बंद मकानों को बनाया था निशाना
हरिद्वार। कांवड़ मेले की भारी भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था के बीच हरिद्वार पुलिस ने चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले शातिर गिरोह पर बड़ा प्रहार किया है। कोतवाली रानीपुर पुलिस और सीआईयू की संयुक्त टीम ने टिहरी विस्थापित कॉलोनी में दो मकानों में हुई चोरी की वारदात का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी के जेवरात बेचकर हासिल की गई 5 लाख रुपये की नकदी, वारदात में इस्तेमाल टैम्पो और महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं।
गिरफ्तार आरोपियों में अक्षय उर्फ गोलू, सोनू सैनी और सोनू शर्मा शामिल हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि तीनों आरोपियों के खिलाफ पहले से भी चोरी और अन्य आपराधिक मामलों के मुकदमे दर्ज हैं। ऐसे में पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों में इससे पहले कितनी वारदातों को अंजाम दिया है।
29 जुलाई की रात बंद मकानों को बनाया निशाना, ताले तोड़कर उड़ाए जेवरात
कोतवाली रानीपुर क्षेत्र की टिहरी विस्थापित कॉलोनी, गली नंबर ए-20 में 29 जुलाई 2026 की रात चोरों ने दो मकानों को निशाना बनाया था। स्वर्गीय राजेंद्र पाल के मकान नंबर 23/28 समेत पड़ोस के मकान में चोरी की घटना सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया था।
चोरों ने पहले एक मकान का ताला तोड़कर अंदर घुसने का प्रयास किया, लेकिन वहां उन्हें कोई खास सामान नहीं मिला। इसके बाद आरोपियों ने बगल के मकान का ताला तोड़ा और अंदर दाखिल होकर अलमारी का ताला तोड़ दिया। इसी दौरान उन्हें सोने के जेवरात हाथ लग गए।
घटना के संबंध में पीड़िता की तहरीर पर 4 अगस्त 2026 को मुकदमा संख्या 274/26 दर्ज किया गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर प्रभारी निरीक्षक कोतवाली रानीपुर के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई। वहीं सीआईयू हरिद्वार को तकनीकी सहयोग और महत्वपूर्ण सुराग जुटाने की जिम्मेदारी दी गई।
CCTV और सुरागों ने खोली अपराधियों तक पहुंचने की राह
पुलिस टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण करने के साथ ही आसपास के लोगों से पूछताछ की। इलाके में लगे अलग-अलग CCTV कैमरों की फुटेज को खंगाला गया।
जांच के दौरान पुलिस को वारदात में इस्तेमाल एक टैम्पो के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिला। पुलिस ने टैम्पो की गतिविधियों और संदिग्धों की पहचान को लेकर पड़ताल तेज कर दी। इसके बाद हरिद्वार के अलावा दूसरे जनपदों में भी संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई।
लगातार प्रयासों के बाद पुलिस को 7 अगस्त को सूचना मिली कि वारदात में इस्तेमाल टैम्पो हरिद्वार में BHEL की ओर आ रहा है।
BHEL स्टेडियम के पास घेराबंदी, टैम्पो समेत पहला आरोपी दबोचा
सूचना पर पुलिस टीम ने BHEL स्टेडियम के पास सुरेश्वरी देवी मंदिर जाने वाले तिराहे पर चेकिंग शुरू की। इसी दौरान पुलिस ने नीले रंग के टैम्पो नंबर UK07TC0457 को रोककर उसमें सवार संदिग्ध अक्षय उर्फ गोलू पुत्र होशियार सिंह, निवासी टांडा माईदास, थाना नगीना, जिला बिजनौर, उत्तर प्रदेश को दबोच लिया।
तलाशी के दौरान उसके कब्जे से स्वर्गीय राजेंद्र पाल के नाम का पुलिस कार्ड बरामद हुआ। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल टैम्पो को भी कब्जे में लेकर जब्त कर लिया।
पूछताछ शुरू होते ही पुलिस को गिरोह के बाकी सदस्यों और चोरी की रकम तक पहुंचने का रास्ता मिल गया।
पूछताछ में उगला पूरा राज, निशानदेही पर दो और आरोपी गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार अक्षय उर्फ गोलू ने पूछताछ में बताया कि सोनू सैनी और सोनू शर्मा उसके साथी हैं और तीनों ने मिलकर 29 जुलाई की रात टिहरी विस्थापित कॉलोनी में चोरी की थी।
अक्षय ने पुलिस को बताया कि चोरी किए गए जेवरात उसके दोनों साथी लेकर बिजनौर गए थे। वहां जेवरात बेचने के बाद वे वापस हरिद्वार आए और रावली महदूद क्षेत्र में अक्षय के कमरे पर ठहरे थे।
जानकारी मिलते ही पुलिस टीम ने अक्षय की निशानदेही पर रावली महदूद, डैंसो चौक के पास ATM के सामने वाली गली में स्थित मकान पर दबिश दी। यहां से पुलिस ने दोनों आरोपियों सोनू सैनी पुत्र सतीश सैनी और सोनू शर्मा पुत्र रोहताश शर्मा को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने उनके कब्जे से कुल 5 लाख रुपये नकद, राजेंद्र पाल का पैन कार्ड और आधार कार्ड बरामद किया।
शराब पीकर बनाई चोरी की योजना, बंद मकान देखकर तोड़े ताले
पूछताछ में तीनों आरोपियों ने पुलिस को बताया कि 29 जुलाई की शाम उन्होंने शराब पी और इसके बाद बंद मकानों में चोरी करने की योजना बनाई।
तीनों टैम्पो से टिहरी विस्थापित कॉलोनी पहुंचे। गली नंबर ए-20 में उन्हें एक मकान के बाहर ताला लगा दिखाई दिया और घर की लाइटें भी बंद थीं। आरोपियों ने ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया, लेकिन वहां उन्हें कुछ खास नहीं मिला।
इसके बाद उनकी नजर पास के दूसरे मकान पर पड़ी। वहां भी ताला लगा था। आरोपियों ने उसका ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया और अलमारी का ताला तोड़कर सोने के जेवरात चोरी कर लिए।
पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने चोरी किए गए जेवरात को अगले ही दिन धामपुर में एक चलते-फिरते व्यापारी को करीब 5 लाख रुपये में बेच दिया। इसी रकम को आपस में बांटने के लिए तीनों आरोपी दोबारा हरिद्वार में इकट्ठा हुए थे।
लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने पूरे गिरोह को दबोच लिया।
पुराने मुकदमों से खुली आरोपियों की आपराधिक कुंडली
पुलिस जांच में गिरफ्तार आरोपियों का पुराना आपराधिक इतिहास भी सामने आया है।
अक्षय उर्फ गोलू के खिलाफ सिडकुल हरिद्वार और कोटद्वार पौड़ी गढ़वाल में चोरी से संबंधित कई मुकदमे दर्ज हैं।
वहीं सोनू सैनी के खिलाफ धामपुर और नगीना बिजनौर के अलावा कोटद्वार पौड़ी गढ़वाल में चोरी, नकबजनी और अन्य धाराओं में कई मुकदमे दर्ज बताए गए हैं।
पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि क्या टिहरी विस्थापित कॉलोनी की वारदात अकेली घटना थी या इस गिरोह ने हरिद्वार में और भी बंद मकानों को निशाना बनाया है।
साथ ही पुलिस उस व्यक्ति की भूमिका की भी जांच कर रही है, जिसने कथित तौर पर चोरी के जेवरात खरीदे थे।
5 लाख रुपये, टैम्पो और दस्तावेज बरामद
पुलिस के अनुसार आरोपियों के कब्जे से बरामद सामान में—
- ₹5,00,000 नकद, चोरी के जेवर बेचकर प्राप्त रकम
- टैम्पो नंबर UK07TC0457, वारदात में प्रयुक्त
- एक पुलिस कार्ड
- एक पैन कार्ड
- एक आधार कार्ड
शामिल हैं।
तीनों आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने अग्रिम वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
रानीपुर पुलिस और CIU टीम की अहम भूमिका
पूरी कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक मनोहर सिंह भंडारी, वरिष्ठ उपनिरीक्षक नंदकिशोर ग्वाड़ी, उपनिरीक्षक चरण सिंह चौहान, उपनिरीक्षक राहुल थापा, अपर उपनिरीक्षक सुबोध घिल्डियाल, कांस्टेबल करम तोमर, गंभीर तोमर, प्रेम दानू, अजय, विजयपाल, दिग्पाल सिंह और अर्जुन रावत शामिल रहे।
वहीं सीआईयू टीम में प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र सिंह बिष्ट और कांस्टेबल वसीम ने तकनीकी जांच और आरोपियों तक पहुंचने में अहम भूमिका निभाई।
कांवड़ मेले के बीच पुलिस का सख्त संदेश
कांवड़ मेले के दौरान हरिद्वार में लाखों की भीड़ और लगातार बढ़ती गतिविधियों के बीच पुलिस की यह कार्रवाई अहम मानी जा रही है। ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत हुई कार्रवाई ने अपराधियों को साफ संदेश दे दिया है कि भीड़ का फायदा उठाकर चोरी या अपराध करने वालों को पुलिस से बच निकलना आसान नहीं होगा।
CCTV फुटेज से लेकर संदिग्ध वाहन की पहचान और फिर आरोपी तक पहुंचने की कड़ी जोड़ते हुए रानीपुर पुलिस और सीआईयू ने आखिरकार तीनों आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। अब पुलिस की नजर चोरी का माल खरीदने वाले व्यक्ति और गिरोह से जुड़े अन्य संभावित सदस्यों पर है।



