हरिद्वार में यात्रियों की सुरक्षा पर फोकस! टूरिस्ट और यात्री बसों की हुई सघन जांच, अग्नि सुरक्षा मानकों को लेकर चला विशेष अभियान,, एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देश पर यातायात पुलिस, सीपीयू और परिवहन विभाग की संयुक्त कार्रवाई; इलेक्ट्रिक बसों सहित कई वाहनों का किया गया निरीक्षण,, फायर एक्सटिंग्विशर, इमरजेंसी एग्जिट और सुरक्षा उपकरणों की हुई जांच; चालकों-परिचालकों को दिए गए सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण निर्देश,,

हरिद्वार में यात्रियों की सुरक्षा पर फोकस! टूरिस्ट और यात्री बसों की हुई सघन जांच, अग्नि सुरक्षा मानकों को लेकर चला विशेष अभियान,,
एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देश पर यातायात पुलिस, सीपीयू और परिवहन विभाग की संयुक्त कार्रवाई; इलेक्ट्रिक बसों सहित कई वाहनों का किया गया निरीक्षण,,
फायर एक्सटिंग्विशर, इमरजेंसी एग्जिट और सुरक्षा उपकरणों की हुई जांच; चालकों-परिचालकों को दिए गए सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण निर्देश,,
हरिद्वार, 10 जून। चारधाम यात्रा, पर्यटन सीजन और आगामी बड़े आयोजनों के मद्देनजर हरिद्वार पुलिस ने यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए टूरिस्ट एवं यात्री बसों के लिए विशेष निरीक्षण एवं जागरूकता अभियान चलाया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देश पर यातायात पुलिस, सीपीयू (सिटी पेट्रोल यूनिट) और परिवहन विभाग की संयुक्त टीम ने विभिन्न स्थानों पर बसों का सघन निरीक्षण किया।
पुलिस अधीक्षक यातायात के मार्गदर्शन एवं पुलिस उपाधीक्षक यातायात के पर्यवेक्षण में चलाए गए इस अभियान का मुख्य उद्देश्य हाल के समय में विभिन्न राज्यों में बसों में आग लगने की घटनाओं को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्थाओं को मजबूत करना तथा संभावित दुर्घटनाओं की रोकथाम करना रहा। अभियान के दौरान इलेक्ट्रिक बसों सहित अन्य यात्री वाहनों की तकनीकी और सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं का बारीकी से परीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान बसों में लगाए गए अग्निशमन यंत्रों (फायर एक्सटिंग्विशर) की उपलब्धता, उनकी वैधता अवधि तथा कार्यशील स्थिति की जांच की गई। अधिकारियों ने वाहन चालकों और परिचालकों को बताया कि किसी भी आपात स्थिति में अग्निशमन यंत्रों का सही उपयोग किस प्रकार किया जाए और उनकी नियमित जांच एवं रखरखाव क्यों आवश्यक है।
संयुक्त टीम ने बसों में मौजूद इमरजेंसी एग्जिट (आपातकालीन निकास द्वार) का भी निरीक्षण किया। यह सुनिश्चित किया गया कि निकास मार्गों पर किसी प्रकार का अवरोध न हो और आवश्यकता पड़ने पर यात्री आसानी से बाहर निकल सकें। इसके अलावा बसों में लगे अन्य सुरक्षा उपकरणों की भी जांच की गई तथा उनकी कार्यक्षमता का परीक्षण किया गया।
अभियान के दौरान बस संचालकों को निर्देश दिए गए कि यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े दिशा-निर्देश बसों की खिड़कियों, प्रवेश द्वारों और अन्य प्रमुख स्थानों पर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किए जाएं, ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में यात्रियों को आवश्यक जानकारी तुरंत उपलब्ध हो सके।
यातायात पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल नियमों का पालन भर नहीं, बल्कि यात्रियों के जीवन की सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। इसलिए सभी वाहन संचालकों को निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करना चाहिए और वाहनों में उपलब्ध सुरक्षा उपकरणों को हमेशा कार्यशील स्थिति में रखना चाहिए।
पुलिस और परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी ऐसे संयुक्त निरीक्षण एवं जागरूकता अभियान नियमित रूप से चलाए जाएंगे। इसका उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और यात्रियों के लिए भरोसेमंद बनाना है। अधिकारियों ने आम नागरिकों से भी अपील की कि यात्रा के दौरान सुरक्षा मानकों के प्रति सजग रहें और किसी भी आपात स्थिति में घबराने के बजाय उपलब्ध सुरक्षा उपकरणों का उपयोग करें।



