हुक्का बार पर गंगनहर पुलिस का बड़ा एक्शन, बिना लाइसेंस चल रहा था कारोबार!… औचक चेकिंग में खुली पोल—स्टाफ का भी नहीं कराया गया सत्यापन, संचालक पर ₹10 हजार का चालान

हुक्का बार पर गंगनहर पुलिस का बड़ा एक्शन, बिना लाइसेंस चल रहा था कारोबार!…
औचक चेकिंग में खुली पोल—स्टाफ का भी नहीं कराया गया सत्यापन, संचालक पर ₹10 हजार का चालान

रुड़की। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देश पर जिले में होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट, कैफे और बार आदि प्रतिष्ठानों की लगातार औचक चेकिंग और सत्यापन किया जा रहा है। इसी अभियान के तहत कोतवाली गंगनहर पुलिस ने हुक्का बार पर कार्रवाई करते हुए कई अनियमितताएं पकड़ीं। पुलिस की जांच में सामने आया कि संबंधित हुक्का बार कथित तौर पर बिना वैध लाइसेंस के संचालित किया जा रहा था, जबकि वहां काम करने वाले कर्मचारियों का भी नियमानुसार सत्यापन नहीं कराया गया था।
पुलिस के अनुसार, वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर गंगनहर पुलिस क्षेत्र में संचालित होटल-ढाबों और अन्य प्रतिष्ठानों की गतिविधियों पर नजर रख रही है। इसी दौरान पुलिस टीम एक हुक्का बार में पहुंची और वहां उपलब्ध दस्तावेजों एवं रिकॉर्ड की जांच की। रिकॉर्ड खंगालने पर बार के संचालन को लेकर आवश्यक लाइसेंस और कर्मचारियों के सत्यापन से संबंधित गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
डिजायनर हुक्कों की शान, लेकिन नियमों का ध्यान नहीं!
पुलिस की कार्रवाई के दौरान सामने आया कि प्रतिष्ठान में हुक्का बार का संचालन किया जा रहा था, लेकिन संचालक द्वारा इसके लिए वैध लाइसेंस प्रस्तुत नहीं किया गया। इतना ही नहीं, प्रतिष्ठान में काम कर रहे कर्मचारियों को रखने से पहले उनका पुलिस सत्यापन भी नहीं कराया गया था।
पुलिस ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए संबंधित संचालक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की। पुलिस अधिनियम के तहत ₹10,000 का चालान किया गया। कार्रवाई के बाद पुलिस ने संचालक सहित क्षेत्र के अन्य होटल, ढाबा, बार और कैफे संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बिना वैध लाइसेंस के किसी भी प्रकार का बार संचालित न किया जाए।
कर्मचारियों के सत्यापन को लेकर भी सख्त चेतावनी
पुलिस ने साफ किया कि प्रतिष्ठानों में काम करने वाले प्रत्येक कर्मचारी का नियमानुसार सत्यापन कराया जाना जरूरी है। बिना वैध पहचान पत्र के किसी व्यक्ति को ठहराने अथवा बिना सत्यापन कर्मचारी रखने पर संबंधित संचालक के खिलाफ कड़ी चालानी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस टीम ने प्रतिष्ठान संचालकों को अपने-अपने परिसर में सीसीटीवी कैमरे और अन्य सुरक्षा उपकरण चालू हालत में रखने के निर्देश भी दिए। विशेष रूप से एंट्री और एग्जिट प्वाइंट पर अच्छी गुणवत्ता के कैमरे लगाने को कहा गया, ताकि किसी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की स्थिति में पुलिस को जांच में मदद मिल सके।
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी होटल, ढाबे, बार, रेस्टोरेंट या कैफे में संदिग्ध गतिविधि दिखाई देती है तो उसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी जाए। पुलिस का कहना है कि सत्यापन अभियान का मुख्य उद्देश्य आपराधिक और संदिग्ध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाना तथा प्रतिष्ठानों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना है।
इनके खिलाफ हुई कार्रवाई
फहीम कुरेशी पुत्र तस्लीम कुरेशी, निवासी रामपुर चुंगी के खिलाफ पुलिस अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए ₹10,000 का चालान किया गया।
पुलिस ने संकेत दिया है कि अभियान आगे भी जारी रहेगा और चेकिंग के दौरान यदि किसी प्रतिष्ठान में लाइसेंस, कर्मचारी सत्यापन, सीसीटीवी या सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी अनियमितता मिलती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।



