दरगाह की स्थायी दुकानों के किराये पर व्यापारियों का विरोध, अप्रैल 2025 से मई 2026 तक वसूली रोकने की मांग,, कलियर साबरी व्यापार संगठन ट्रस्ट ने तहसीलदार व दरगाह प्रबंधक को भेजा पत्र, जून 2026 से नए सर्वे के आधार पर किराया तय करने की अपील,, 18 मई 2025 की बैठक में तय प्रक्रिया का हवाला, व्यापारियों ने कहा—निर्णय स्पष्ट होने तक पुराने बकाये की वसूली का दबाव न बनाया जाए

दरगाह की स्थायी दुकानों के किराये पर व्यापारियों का विरोध, अप्रैल 2025 से मई 2026 तक वसूली रोकने की मांग,,
कलियर साबरी व्यापार संगठन ट्रस्ट ने तहसीलदार व दरगाह प्रबंधक को भेजा पत्र, जून 2026 से नए सर्वे के आधार पर किराया तय करने की अपील,,
18 मई 2025 की बैठक में तय प्रक्रिया का हवाला, व्यापारियों ने कहा—निर्णय स्पष्ट होने तक पुराने बकाये की वसूली का दबाव न बनाया जाए
पिरान कलियर। विश्व प्रसिद्ध दरगाह साबिर पाक क्षेत्र की स्थायी दुकानों के किराये को लेकर व्यापारियों ने एक बार फिर आवाज उठाई है। कलियर साबरी व्यापार संगठन ट्रस्ट (रजि.) ने तहसीलदार एवं दरगाह प्रबंधक को पत्र भेजकर अप्रैल 2025 से मई 2026 तक के किराये की वसूली फिलहाल रोकने और जून 2026 से परिसर के नए सर्वे के आधार पर किराया निर्धारित करने की मांग की है।
व्यापार संगठन का कहना है कि अप्रैल 2025 में दरगाह की स्थायी दुकानों के किराये में वृद्धि की गई थी। इसके बाद किराये को लेकर व्यापारियों और दरगाह प्रशासन के बीच स्थिति स्पष्ट करने के लिए 18 मई 2025 को तहसील सभागार रुड़की में बैठक आयोजित की गई थी। संगठन के अनुसार बैठक में दरगाह प्रशासन, दरगाह प्रबंधक, वक्फ बोर्ड सदस्य एवं विधायक, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता, व्यापार संगठन के पदाधिकारी तथा दुकानदारों के प्रतिनिधि मौजूद रहे थे।
बैठक के निर्णय का हवाला देकर उठाई मांग
व्यापार संगठन द्वारा दिए गए पत्र में दावा किया गया है कि बैठक में अप्रैल 2025 से मई 2026 तक दुकानदारों से पुरानी दर के आधार पर किराया लेने तथा जून 2026 से परिसर के सर्वे के आधार पर नया किराया निर्धारित करने की प्रक्रिया पर सहमति बनी थी।
संगठन का कहना है कि जब तक सर्वे और किराया निर्धारण की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक अप्रैल 2025 से मई 2026 की अवधि के किराये को लेकर दुकानदारों पर भुगतान का दबाव नहीं बनाया जाना चाहिए।
नए सर्वे के बाद किराया तय करने की मांग
व्यापार संगठन ने प्रशासन से मांग की है कि 18 मई 2025 की बैठक में तय प्रक्रिया के अनुरूप पहले परिसर का सर्वे कराया जाए और इसके बाद जून 2026 से नए सर्वे के आधार पर दुकानों का किराया निर्धारित किया जाए। साथ ही अप्रैल 2025 से मई 2026 तक के किराये की वसूली को लेकर स्पष्ट आदेश जारी करने की मांग की गई है।
व्यापारियों का कहना है कि दरगाह क्षेत्र में बड़ी संख्या में स्थायी दुकानदार लंबे समय से कारोबार कर रहे हैं। किराये में बदलाव और पिछली अवधि के किराये को लेकर स्पष्ट व्यवस्था नहीं होने से व्यापारियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। उनका कहना है कि प्रशासन को बैठक में हुई प्रक्रिया को स्पष्ट करते हुए लिखित आदेश जारी करना चाहिए, ताकि दुकानदारों और दरगाह प्रबंधन के बीच किसी तरह का विवाद न रहे।
अब निगाहें तहसील प्रशासन और दरगाह प्रबंधन के अगले कदम पर हैं। व्यापार संगठन की मांग पर प्रशासन क्या निर्णय लेता है और किराये के निर्धारण को लेकर कौन-सी प्रक्रिया अपनाई जाती है, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।



