चारधाम यात्रियों को लूटने वालों पर परिवहन विभाग का बड़ा प्रहार! एआरटीओ निखिल शर्मा ने यात्री बनकर किया स्टिंग, ओवरचार्जिंग और ओवरलोडिंग में तीन ई-रिक्शा सीज,, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर हरिद्वार में चला औचक अभियान; सामान्य किराए के बदले कई गुना रकम वसूल रहे थे चालक, यात्रियों के आर्थिक शोषण पर सख्त कार्रवाई,, “श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता” — एआरटीओ निखिल शर्मा बोले, ओवरचार्जिंग, ओवरलोडिंग और नियम उल्लंघन करने वालों के खिलाफ लगातार चलेगा विशेष अभियान,,

चारधाम यात्रियों को लूटने वालों पर परिवहन विभाग का बड़ा प्रहार! एआरटीओ निखिल शर्मा ने यात्री बनकर किया स्टिंग, ओवरचार्जिंग और ओवरलोडिंग में तीन ई-रिक्शा सीज,,
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर हरिद्वार में चला औचक अभियान; सामान्य किराए के बदले कई गुना रकम वसूल रहे थे चालक, यात्रियों के आर्थिक शोषण पर सख्त कार्रवाई,,
“श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता” — एआरटीओ निखिल शर्मा बोले, ओवरचार्जिंग, ओवरलोडिंग और नियम उल्लंघन करने वालों के खिलाफ लगातार चलेगा विशेष अभियान,,
हरिद्वार, 10 जून। चारधाम यात्रा के दौरान हरिद्वार पहुंचने वाले लाखों श्रद्धालुओं और यात्रियों को राहत देने के लिए परिवहन विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए ई-रिक्शा चालकों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर एआरटीओ (प्रशासन) निखिल शर्मा ने स्वयं सामान्य यात्री बनकर शहर के विभिन्न मार्गों पर ई-रिक्शाओं में यात्रा की और यात्रियों से वसूले जा रहे किराए की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया। जांच में ओवरचार्जिंग और ओवरलोडिंग के गंभीर मामले सामने आने पर तीन ई-रिक्शाओं को तत्काल सीज कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार एआरटीओ निखिल शर्मा ने सबसे पहले ऋषिकुल से शिवमूर्ति चौक तक एक ई-रिक्शा में दो यात्रियों के साथ यात्रा की। इस दूरी के लिए जहां सामान्य किराया लगभग 20 रुपये बनता था, वहीं चालक द्वारा 50 रुपये की मांग कर वसूली की गई। यात्रियों से मनमाना किराया वसूलने के आरोप में संबंधित ई-रिक्शा को मौके पर ही सीज कर दिया गया।
इसके बाद शिवमूर्ति चौक से भगत सिंह चौक तक यात्रा के दौरान एक अन्य ई-रिक्शा चालक ने लगभग 30 रुपये के स्थान पर 150 रुपये किराया मांगा। चारधाम यात्रियों और आम नागरिकों के आर्थिक शोषण के इस मामले को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने दूसरे ई-रिक्शा पर भी कार्रवाई करते हुए उसे सीज कर दिया।
तीसरे मामले में भगत सिंह चौक से शिवालिक नगर तक यात्रा के दौरान संबंधित ई-रिक्शा चालक द्वारा निर्धारित किराए से अधिक धनराशि वसूली गई। इतना ही नहीं वाहन में क्षमता से अधिक सवारियां बैठाकर ओवरलोडिंग भी की जा रही थी। यात्रियों की सुरक्षा को खतरे में डालने और नियमों की अनदेखी करने पर इस ई-रिक्शा को भी तत्काल सीज कर दिया गया।
एआरटीओ (प्रशासन) निखिल शर्मा ने बताया कि शासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार ई-रिक्शा सभी सवारियों से मिलाकर अधिकतम 12 रुपये प्रति किलोमीटर की दर से किराया ले सकते हैं। इसके बावजूद कुछ चालक श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों से कई गुना अधिक किराया वसूलकर उनका आर्थिक शोषण कर रहे हैं, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुगम आवागमन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से परिवहन विभाग द्वारा नियमित औचक निरीक्षण, गुप्त जांच और प्रवर्तन अभियान चलाए जाएंगे। ओवरचार्जिंग, ओवरलोडिंग अथवा किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित वाहन चालकों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
परिवहन विभाग ने आमजन और चारधाम यात्रियों से भी अपील की है कि यदि कोई ई-रिक्शा चालक निर्धारित किराए से अधिक वसूली करता है या ओवरलोडिंग करता है तो इसकी सूचना तत्काल विभाग को दें, ताकि त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। आज की कार्रवाई के बाद शहर के ई-रिक्शा संचालकों में हड़कंप की स्थिति रही और विभाग ने साफ संकेत दे दिए हैं कि यात्रियों के आर्थिक शोषण और सड़क सुरक्षा से जुड़े मामलों में आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।



