ऋषिकेश बना शहरी विकास का राष्ट्रीय मंच! अखिल भारतीय महापौर परिषद की बैठक में गूंजा विकसित भारत और आधुनिक शहरों का विजन,, ₹29.78 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास, देशभर से पहुंचे महापौरों ने देखा उत्तराखंड का विकास मॉडल,, “स्वच्छ, स्मार्ट और आत्मनिर्भर शहर ही विकसित भारत की पहचान” — मुख्यमंत्री ने गिनाईं केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की उपलब्धियां

ऋषिकेश बना शहरी विकास का राष्ट्रीय मंच! अखिल भारतीय महापौर परिषद की बैठक में गूंजा विकसित भारत और आधुनिक शहरों का विजन,,
₹29.78 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास, देशभर से पहुंचे महापौरों ने देखा उत्तराखंड का विकास मॉडल,,
“स्वच्छ, स्मार्ट और आत्मनिर्भर शहर ही विकसित भारत की पहचान” — मुख्यमंत्री ने गिनाईं केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की उपलब्धियां
इन्तजार रजा, ऋषिकेश.. तीर्थनगरी ऋषिकेश में आयोजित अखिल भारतीय महापौर परिषद की 117वीं कार्यकारी समिति की बैठक राष्ट्रीय स्तर पर शहरी विकास, स्वच्छता और सुशासन के मुद्दों पर मंथन का बड़ा मंच बन गई। देश के विभिन्न राज्यों और शहरों से आए महापौरों की मौजूदगी में आयोजित इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने शहरी विकास की दिशा में केंद्र और राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों का विस्तृत खाका प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कुल ₹29.78 करोड़ की लागत वाली तीन महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। साथ ही विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए विकास, स्वच्छता, नवाचार और जनकल्याण योजनाओं से संबंधित स्टॉलों का अवलोकन कर अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति की जानकारी भी प्राप्त की।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के शहरी क्षेत्रों को आधुनिक, स्वच्छ और सुविधायुक्त बनाने के लिए अभूतपूर्व कार्य किए गए हैं। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन, अमृत योजना, स्मार्ट सिटी मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी योजनाओं ने शहरों की तस्वीर बदलने का काम किया है। इन योजनाओं के माध्यम से न केवल आधारभूत ढांचे को मजबूती मिली है बल्कि आम नागरिकों के जीवन स्तर में भी व्यापक सुधार देखने को मिला है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भारत के शहर केवल आबादी के केंद्र नहीं रह गए हैं, बल्कि वे नवाचार, सुशासन, डिजिटल सेवाओं और आत्मनिर्भर विकास के मॉडल के रूप में उभर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड भी इसी सोच के साथ अपने नगरों और शहरों को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।बैठक में विभिन्न राज्यों से आए महापौरों ने भी अपने-अपने शहरों में किए जा रहे नवाचारों, स्वच्छता अभियानों, स्मार्ट प्रबंधन और शहरी चुनौतियों के समाधान से जुड़े अनुभव साझा किए। इस दौरान बेहतर शहरी प्रबंधन, कचरा निस्तारण, यातायात व्यवस्था, पेयजल, सीवरेज और नागरिक सुविधाओं को लेकर व्यापक चर्चा हुई।
कार्यक्रम में मौजूद जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने भी शहरी विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने विचार रखे। आयोजन के दौरान विकास योजनाओं और विभागीय उपलब्धियों को प्रदर्शित करने वाले स्टॉल विशेष आकर्षण का केंद्र बने रहे, जहां महापौरों ने उत्तराखंड के नवाचारों और विकास मॉडल की सराहना की।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, विधायक प्रेमचंद अग्रवाल, राम सिंह कैड़ा सहित विभिन्न राज्यों से आए महापौर, जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।अखिल भारतीय महापौर परिषद की इस बैठक ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि मजबूत स्थानीय निकाय, आधुनिक शहरी ढांचा और जनभागीदारी ही विकसित भारत के सपने को साकार करने का सबसे प्रभावी माध्यम हैं।



