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सीएम धामी करेंगे प्रदेश की नई पीढ़ी से सीधा संवाद, 3 लाख से ज्यादा विद्यार्थी बताएंगे ‘कैसा हो अपना उत्तराखंड?’ 2,800 से अधिक स्कूलों के कक्षा 11-12 के विद्यार्थी होंगे शामिल, 150 श्रेष्ठ सुझावों पर 16 सितंबर को मुख्यमंत्री स्वयं करेंगे मंथन,, पर्यटन, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तीकरण, सड़क-कनेक्टिविटी और तकनीकी विकास पर मांगे जाएंगे युवाओं के सुझाव

सीएम धामी करेंगे प्रदेश की नई पीढ़ी से सीधा संवाद, 3 लाख से ज्यादा विद्यार्थी बताएंगे ‘कैसा हो अपना उत्तराखंड?’

2,800 से अधिक स्कूलों के कक्षा 11-12 के विद्यार्थी होंगे शामिल, 150 श्रेष्ठ सुझावों पर 16 सितंबर को मुख्यमंत्री स्वयं करेंगे मंथन,,

पर्यटन, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तीकरण, सड़क-कनेक्टिविटी और तकनीकी विकास पर मांगे जाएंगे युवाओं के सुझाव

देहरादून। उत्तराखंड के भविष्य की विकास योजनाओं में नई पीढ़ी की भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ कार्यक्रम शुरू किया गया है। इस अभिनव पहल के माध्यम से प्रदेश के हजारों स्कूलों में पढ़ने वाले लाखों विद्यार्थी सीधे मुख्यमंत्री तक अपने विचार और सुझाव पहुंचाएंगे।

कार्यक्रम के तहत प्रदेश के 2,800 से अधिक विद्यालयों के तीन लाख से ज्यादा कक्षा 11वीं और 12वीं के विद्यार्थी ऑनलाइन माध्यम से अपने सुझाव साझा करेंगे। पहल का मुख्य विषय ‘कैसा हो अपना उत्तराखंड?’ रखा गया है। विद्यार्थियों से अगले पांच वर्षों के दौरान राज्य को विकास की नई दिशा देने वाले विचार और सुझाव मांगे जा रहे हैं।

पर्यटन से लेकर तकनीक तक युवाओं से मांगी राय

विद्यार्थी हिंदी अथवा अंग्रेजी में अपने सुझाव ऑनलाइन पोर्टल www.cmvidhyarthimanthan.com के माध्यम से भेज सकेंगे। प्रविष्टियां जमा करने की अंतिम तिथि 24 अगस्त निर्धारित की गई है। सफलतापूर्वक प्रविष्टि जमा करने वाले प्रत्येक विद्यार्थी को डिजिटल प्रमाणपत्र भी प्रदान किया जाएगा।

मंथन के लिए विद्यार्थियों से पर्यटन विकास, रोजगार के अवसर, वन एवं पर्यावरण संरक्षण, आधुनिक शिक्षा, राज्य के विकास में महिलाओं की भूमिका, सड़क एवं कनेक्टिविटी, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य तथा तकनीकी विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सुझाव मांगे गए हैं।

150 श्रेष्ठ सुझावों पर मुख्यमंत्री करेंगे सीधा संवाद

प्राप्त होने वाली प्रविष्टियों में से विशेषज्ञों की टीम द्वारा लगभग 150 उत्कृष्ट सुझावों का चयन किया जाएगा। चयनित विद्यार्थियों को 16 सितंबर को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ सीधे संवाद का अवसर मिलेगा। इस दौरान मुख्यमंत्री विद्यार्थियों के विचारों और सुझावों पर विस्तार से चर्चा करेंगे।

इस विशेष मंथन सत्र में संबंधित विभागों के सचिव भी मौजूद रहेंगे, ताकि विद्यार्थियों से प्राप्त उपयोगी सुझावों को राज्य की नीति निर्माण और विकास योजनाओं में शामिल करने की संभावनाओं पर विचार किया जा सके।

‘नई सोच और तकनीक के साथ आगे बढ़ेगा उत्तराखंड’

कार्यक्रम को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उनकी सरकार ने हमेशा संवाद की संस्कृति को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि सरकार उन विद्यार्थियों का दृष्टिकोण समझना चाहती है, जिनका जन्म उत्तराखंड राज्य गठन के बाद हुआ है।

मुख्यमंत्री के अनुसार समय तेजी से बदल रहा है और नई पीढ़ी की सोच, अपेक्षाएं तथा तकनीक को लेकर उसका नजरिया भी अलग है। ऐसे में युवाओं की बात सुनना और उनकी सोच को विकास की दिशा से जोड़ना जरूरी है। नई सोच और नई तकनीक के साथ उत्तराखंड देश और दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़े—इसी उद्देश्य से युवा विद्यार्थियों को नीति और विकास के विमर्श से जोड़ने की यह पहल की गई है।

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