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रात का अंधेरा… खेतों में सन्नाटा और फिर ‘ट्रांसफार्मर गैंग’ की एंट्री! मंगलौर पुलिस ने दो को दबोचा,, नशे की ‘किक’ के लिए किसानों की बिजली काट रहे थे आरोपी, पुलिस ने बिछाया जाल तो हाथ लगे ट्रांसफार्मर के उपकरण और तार

रात का अंधेरा… खेतों में सन्नाटा और फिर ‘ट्रांसफार्मर गैंग’ की एंट्री! मंगलौर पुलिस ने दो को दबोचा,,

नशे की ‘किक’ के लिए किसानों की बिजली काट रहे थे आरोपी, पुलिस ने बिछाया जाल तो हाथ लगे ट्रांसफार्मर के उपकरण और तार

मंगलौर/हरिद्वार। रात का सन्नाटा… दूर-दूर तक फैले खेत… ट्यूबवेल पर लगा ट्रांसफार्मर और अचानक बिजली गुल! जब किसान खेत पर पहुंचा तो नजारा देखकर उसके होश उड़ गए। ट्यूबवेल चलाने वाला विद्युत ट्रांसफार्मर गायब था। खेत में सिर्फ उसके चोरी होने के निशान बाकी थे। मामला मंगलौर पुलिस तक पहुंचा तो पुलिस ने भी इसे महज चोरी की घटना मानकर फाइल बंद नहीं की, बल्कि चोरों की तलाश में अपना ‘ऑपरेशन’ शुरू कर दिया।

कहानी शुरू हुई ग्राम नारसन खुर्द से, जहां एक महिला ने कोतवाली मंगलौर में तहरीर देकर बताया कि खेत में ट्यूबवेल चलाने के लिए लगाया गया विद्युत ट्रांसफार्मर अज्ञात चोर चोरी कर ले गए हैं। किसान के लिए यह सिर्फ लोहे का एक उपकरण नहीं था, बल्कि खेत की सिंचाई और फसल से जुड़ी उम्मीद थी।

मुकदमा दर्ज हुआ और इसके बाद मंगलौर पुलिस ने चोरों तक पहुंचने के लिए सुराग तलाशने शुरू किए। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार के निर्देश पर अपराधियों के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत प्रभारी निरीक्षक मंगलौर ने टीम गठित की। पुलिस ने इलाके में सुरागरसी-पतारसी तेज की और संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू कर दी।

फिर पुलिस के हाथ लगा अहम सुराग और कहानी में आया बड़ा ट्विस्ट।

पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अजीत पुत्र सुशील और चिल्ली पुत्र ओमी, दोनों निवासी ग्राम नारसन खुर्द, को हिरासत में लिया। पूछताछ और पुलिस कार्रवाई के दौरान आरोपियों के कब्जे से चोरी किए गए ट्रांसफार्मर के उपकरण और विद्युत तार बरामद हो गए।

यानी जिस ट्रांसफार्मर को चोरी कर आरोपी अंधेरे में गायब हो गए थे, उसके हिस्से पुलिस ने उनके कब्जे से बरामद कर लिए।

‘नशे की किक’ के लिए किसानों को बनाया निशाना

पुलिस के अनुसार, पूछताछ में चोरी के पीछे नशे की लत पूरी करने की बात सामने आई है। यानी नशे की जरूरत पूरी करने के लिए खेतों में लगे विद्युत ट्रांसफार्मर आरोपियों के निशाने पर थे। ट्रांसफार्मर चोरी होने से किसानों की सिंचाई व्यवस्था प्रभावित होती है और उन्हें आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ता है।

मामले की बरामदगी के बाद पुलिस ने मुकदमे में आवश्यक धाराओं की बढ़ोतरी की है। अब पुलिस यह भी खंगाल रही है कि दोनों आरोपियों ने इससे पहले भी ऐसी किसी वारदात को अंजाम दिया था या नहीं और इस काम में इनके साथ कोई अन्य व्यक्ति जुड़ा हुआ है या नहीं।

पुलिस की टीम ने खोली ‘चोरी की पटकथा’

इस कार्रवाई में अ0उ0नि0 देवेन्द्र, कांस्टेबल सुधीर और कांस्टेबल पंकज की भूमिका रही। टीम ने सुरागरसी-पतारसी और पुलिस प्रयासों के जरिए आरोपियों तक पहुंचकर चोरी के माल की बरामदगी की।

मंगलौर पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र के किसानों को राहत मिली है। खेतों में लगे विद्युत उपकरणों की चोरी की घटनाओं पर पुलिस की नजर बनी हुई है और आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

फिल्मी कहानी का क्लाइमेक्स अभी बाकी है—अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि ट्रांसफार्मर चोरी की इस पटकथा के पीछे सिर्फ दो किरदार थे या पर्दे के पीछे कोई और चेहरा भी छिपा है।

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