अस्पतालों में मरीज-तीमारदारों की परेशानी पर गरजे डीएम मयूर दीक्षित, बोले—व्यवस्थाएं सुधरेंगी, लापरवाही बर्दाश्त नहीं!…… मेला अस्पताल के आसपास अतिक्रमण पर चला प्रशासन का ‘हंटर’, सड़क किनारे कूड़ा फेंकने वालों पर लगेगा जुर्माना—रंग-रोगन से लेकर CCTV, जनरेटर और अग्निशमन व्यवस्था तक दुरुस्त करने के निर्देश

अस्पतालों में मरीज-तीमारदारों की परेशानी पर गरजे डीएम मयूर दीक्षित, बोले—व्यवस्थाएं सुधरेंगी, लापरवाही बर्दाश्त नहीं!……
मेला अस्पताल के आसपास अतिक्रमण पर चला प्रशासन का ‘हंटर’, सड़क किनारे कूड़ा फेंकने वालों पर लगेगा जुर्माना—रंग-रोगन से लेकर CCTV, जनरेटर और अग्निशमन व्यवस्था तक दुरुस्त करने के निर्देश
हरिद्वार, 16 सितम्बर 2026।
हरिद्वार के सरकारी अस्पतालों में मरीजों और तीमारदारों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने को लेकर जिला प्रशासन ने अब तेवर कड़े कर दिए हैं। कलेक्ट्रेट रोशनाबाद में आयोजित चिकित्सा प्रबंधन समितियों की समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने अस्पतालों की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए साफ संदेश दिया कि इलाज के लिए अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों और उनके परिजनों को मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान नहीं होना चाहिए।
बैठक में जिला चिकित्सालय, चैन राय जिला महिला चिकित्सालय और मेला उप जिला चिकित्सालय की व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। डीएम ने अधिकारियों को अस्पतालों में लगातार सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उनका जोर सिर्फ चिकित्सा सेवाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अस्पताल आने वाले मरीजों और तीमारदारों के बैठने, साफ-सफाई, सुरक्षा और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता जैसे मुद्दों पर भी रहा।
मरीज अस्पताल आए तो बैठने की जगह भी मिले—डीएम ने दिए स्पष्ट निर्देश
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि उपचार के लिए अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों के बैठने की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। अस्पताल में आने वाला व्यक्ति पहले से ही बीमारी और परेशानी से जूझ रहा होता है, ऐसे में उसे बैठने तक की सुविधा के लिए भटकना न पड़े।
उन्होंने अस्पतालों में आवश्यक चिकित्सा उपकरण, औषधि, रसायन और सर्जिकल सामग्री की नियमानुसार उचित दरों पर खरीद सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। अधिकारियों से कहा गया कि चिकित्सा व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता पर लगातार निगरानी रखी जाए।
मेला अस्पताल की तस्वीर बदलने की तैयारी—रंग-रोगन से लेकर CCTV तक पर फोकस
समीक्षा बैठक में मेला अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर जिलाधिकारी ने विशेष निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल भवन में रंग-रोगन, रेलिंग, जनरेटर, सीसीटीवी कैमरे और अग्निशमन उपकरणों के मरम्मत कार्यों के साथ-साथ सैनिटाइजेशन और साफ-सफाई के लिए आवश्यक उपकरणों की व्यवस्था पर जोर दिया।
डीएम ने संबंधित अधिकारियों को इन कार्यों के लिए आवश्यक एस्टीमेट तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, ताकि व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने की दिशा में आगे की कार्रवाई की जा सके।
यानी अस्पताल की दीवारों से लेकर सुरक्षा व्यवस्था तक—प्रशासन अब हर मोर्चे पर व्यवस्था को मजबूत करने की तैयारी में दिखाई दिया।
अस्पताल के बाहर भी नहीं चलेगी मनमानी—अतिक्रमण पर प्रशासन का शिकंजा
मेला अस्पताल के आसपास सड़क किनारे होने वाले अतिक्रमण को लेकर भी जिलाधिकारी ने सख्त निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल के आसपास और अस्पताल वाली सड़क के दोनों ओर से अतिक्रमण हटाने को कहा।
प्रशासन का मानना है कि अस्पताल के आसपास अतिक्रमण होने से मरीजों, तीमारदारों और आम राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो सकती है। ऐसे में सड़क और अस्पताल परिसर के आसपास व्यवस्था बनाए रखना जरूरी है।
डीएम ने अस्पताल परिसर एवं आसपास कूड़ा फेंकने वालों के खिलाफ भी नियमानुसार जुर्माने की कार्रवाई करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
‘इलाज का मंदिर’ गंदगी और अव्यवस्था का अड्डा नहीं बनेगा!
बैठक के दौरान साफ-सफाई को लेकर प्रशासन का रुख स्पष्ट रहा। अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान के आसपास स्वच्छता व्यवस्था को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया।
अस्पताल में आने वाले मरीजों को बेहतर वातावरण मिले, परिसर साफ-सुथरा रहे और आसपास कूड़ा न फैले—इसके लिए संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदारी के साथ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
डीएम के निर्देशों से साफ है कि अब अस्पताल की व्यवस्था को केवल डॉक्टर, दवा और मशीनों तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि मरीज के अस्पताल में प्रवेश से लेकर उसके उपचार और तीमारदार की सुविधा तक पूरी व्यवस्था को बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
बजट प्रस्ताव पर भी हुई मंथन बैठक
बैठक में प्रमुख अधीक्षक एवं चिकित्सा प्रबंधन समिति के सचिव डॉ. राजेश गुप्ता ने चैन राय जिला महिला चिकित्सालय तथा हर मिलाप जिला चिकित्सालय से संबंधित प्रस्तावों की जानकारी प्रस्तुत की। वहीं मेला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक शशिकांत ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंतर्गत बजट प्रस्ताव के लिए एजेंडा और उसका विवरण प्रस्तुत किया।
बैठक में अस्पतालों की जरूरतों, आवश्यक संसाधनों और व्यवस्थाओं में सुधार से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों पर चर्चा हुई।
अधिकारियों की मौजूदगी में तय हुई व्यवस्थाओं की दिशा
बैठक में हरिद्वार लोकसभा सांसद के प्रतिनिधि बृजेश कुमार गुप्ता, राज्यसभा सांसद प्रतिनिधि राकेश शर्मा, विधायक हरिद्वार के प्रतिनिधि राजेश जोशी, नगर निगम हरिद्वार के मेयर प्रतिनिधि एवं पार्षद सचिन प्रसाद, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आर.के. सिंह, नगर मजिस्ट्रेट हरिद्वार हर गिरी, वरिष्ठ कोषाधिकारी अजय कुमार, डॉ. नरेश चौधरी सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
कुल मिलाकर समीक्षा बैठक में प्रशासन ने अस्पतालों की व्यवस्थाओं को लेकर कई अहम बिंदुओं पर दिशा तय की। अब निगाह इस बात पर रहेगी कि डीएम के निर्देश जमीन पर कितनी तेजी से उतरते हैं और मेला अस्पताल समेत अन्य सरकारी अस्पतालों में मरीजों व तीमारदारों को सुविधाओं का वास्तविक लाभ कब तक मिलता है।



