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जनता के मुद्दों पर सुराज सेवादल का जोरदार हस्तक्षेप, डीएम से लेकर ऊर्जा निगम तक पहुंची शिकायतों की गूंज,, सरकारी भूमि पर कथित कब्जों से श्मशान स्थल और टूटी सड़कों तक उठे सवाल; भंगेड़ी समेत कई इलाकों की बिजली समस्या और ज्यादा बिलों का मुद्दा भी गरमाया

जनता के मुद्दों पर सुराज सेवादल का जोरदार हस्तक्षेप, डीएम से लेकर ऊर्जा निगम तक पहुंची शिकायतों की गूंज,,

सरकारी भूमि पर कथित कब्जों से श्मशान स्थल और टूटी सड़कों तक उठे सवाल; भंगेड़ी समेत कई इलाकों की बिजली समस्या और ज्यादा बिलों का मुद्दा भी गरमाया

हरिद्वार। जिले में आम लोगों से जुड़ी समस्याओं को लेकर सुराज सेवादल ने प्रशासनिक अधिकारियों के सामने कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष रमेश जोशी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी मयूर दीक्षित से मुलाकात कर सरकारी भूमि, श्मशान भूमि, खराब सड़कों और अन्य जनसमस्याओं के समाधान की मांग की। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने ऊर्जा निगम के चीफ इंजीनियर मोहित जोशी से मुलाकात कर ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली व्यवस्था से संबंधित शिकायतें भी सामने रखीं।

सरकारी जमीन के संरक्षण को लेकर प्रशासन से जवाबदेही की मांग

प्रतिनिधिमंडल ने जिले में सरकारी भूमि पर कब्जे की शिकायतों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि ऐसी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित जमीनों की मौके पर पहचान और अभिलेखीय स्थिति की जांच कराई जानी चाहिए। संगठन ने प्रशासन से मांग की कि यदि जांच में अनियमितता या अवैध कब्जा सामने आता है तो नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।संगठन का कहना था कि सार्वजनिक और सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इसलिए शिकायतों के निस्तारण में केवल कागजी प्रक्रिया के बजाय मौके पर कार्रवाई दिखाई देनी चाहिए।

श्मशान भूमि को लेकर भी प्रशासन के सामने मामला

प्रतिनिधिमंडल ने एक श्मशान भूमि से जुड़े रास्ते के विवाद का मामला भी जिलाधिकारी के सामने रखा। संगठन ने भूमि की वास्तविक स्थिति स्पष्ट कराने और सार्वजनिक उपयोग की इस भूमि को सुरक्षित रखने की मांग की।इसके साथ ही मेरठ स्थित एक अस्पताल से कथित फर्जी मेडिकल तैयार कराकर किसी मुकदमे में धाराएं बढ़ाए जाने से जुड़े आरोपों की जांच कराने की मांग भी प्रतिनिधिमंडल की ओर से रखी गई।

आपदा के बाद खराब हुई सड़कों पर भी उठी आवाज

बारिश और आपदा के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में क्षतिग्रस्त हुई सड़कों को लेकर भी प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन का ध्यान खींचा। संगठन के पदाधिकारियों का कहना था कि खराब सड़कें स्थानीय लोगों के रोजमर्रा के आवागमन में परेशानी पैदा कर रही हैं।सुराज सेवादल ने संबंधित विभागों को मौके का निरीक्षण कराकर क्षतिग्रस्त मार्गों की स्थिति का आकलन करने और आवश्यक मरम्मत कार्य जल्द कराने की मांग की।

बिजली की समस्या लेकर ऊर्जा निगम के अधिकारी से मिले कार्यकर्ता

डीएम से मुलाकात के बाद प्रतिनिधिमंडल ने ऊर्जा निगम के चीफ इंजीनियर मोहित जोशी से मुलाकात की। यहां ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं को प्रमुखता से रखा गया।भंगेड़ी गांव की ओवरलोडिंग की समस्या को लेकर प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि लंबे समय से चली आ रही इस समस्या के कारण बिजली व्यवस्था प्रभावित हो रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती और आपूर्ति में व्यवधान के साथ कुछ उपभोक्ताओं की ओर से अधिक राशि के बिल आने की शिकायत भी अधिकारी के सामने रखी गई।

टांडा-अकबरपुर-पीरपुरा की समस्याएं भी बैठक में पहुंचीं

प्रतिनिधिमंडल ने टांडा, अकबरपुर और पीरपुरा क्षेत्र के उपभोक्ताओं की विद्युत संबंधी परेशानियों को भी चीफ इंजीनियर के सामने रखा। संगठन ने मांग की कि जिन समस्याओं का लंबे समय से समाधान नहीं हुआ है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित कराया जाए।

बिजली के लोड, आपूर्ति व्यवस्था और बिल संबंधी शिकायतों की जांच कर उपभोक्ताओं को राहत देने की मांग भी की गई।

दो-तीन दिन में समाधान के भरोसे से बढ़ी उम्मीद

प्रतिनिधिमंडल की शिकायतें सुनने के बाद चीफ इंजीनियर मोहित जोशी ने अधिकांश समस्याओं के समाधान के लिए अगले दो से तीन दिनों में कार्रवाई का भरोसा दिया। अब प्रतिनिधिमंडल द्वारा उठाए गए मुद्दों पर संबंधित विभागों की कार्रवाई पर नजर रहेगी।

प्रतिनिधिमंडल में ये लोग रहे शामिल

इस दौरान इंतजार, अजय, आलिम, नौशाद, नरेंद्र, खलील, अरविंद, हाकम, विनोद राणा और उज्जवल समेत सुराज सेवादल के कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।

जनता से जुड़े इन मुद्दों को अधिकारियों के सामने उठाए जाने के बाद अब असली परीक्षा कार्रवाई की है। सरकारी भूमि से लेकर सड़क और बिजली तक जिन समस्याओं का समाधान मांगा गया है, उन पर विभागीय स्तर पर होने वाली कार्रवाई ही तय करेगी कि शिकायतें सिर्फ बैठक तक सीमित रहती हैं या धरातल पर भी बदलाव दिखाई देता है।

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