ऑपरेशन ‘हर घर जल’ शुरू! 96.96% घरों तक पहुंचा नल का जल, अब आखिरी 7,579 परिवारों की बारी,, 458 गांव हुए ‘हर घर जल’ प्रमाणित, 15 गांव और 75 पेयजल योजनाएं अभी बाकी—सीडीओ ने अफसरों को दिया ‘फाइनल एक्शन’ का अल्टीमेटम
जल जीवन मिशन का क्लाइमेक्स तब होगा, जब हर पात्र परिवार के घर की टोंटी से नियमित पानी की धार निकलेगी!” बैठक में जल जीवन मिशन के नोडल अधिकारी गम्भीर सिंह तोमर, अधिशासी अभियंता उत्तराखण्ड जल संस्थान विपिन चौहान, अधीक्षण अभियंता यशवीर मल्ल, जिला पंचायती राज अधिकारी एम.एम. खान, अधिशासी अभियंता जल निगम सुधीर कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

🎬 ऑपरेशन ‘हर घर जल’ शुरू! 96.96% घरों तक पहुंचा नल का जल, अब आखिरी 7,579 परिवारों की बारी,,
458 गांव हुए ‘हर घर जल’ प्रमाणित, 15 गांव और 75 पेयजल योजनाएं अभी बाकी—सीडीओ ने अफसरों को दिया ‘फाइनल एक्शन’ का अल्टीमेटम

हरिद्वार, 16 सितम्बर 2026।
हरिद्वार में जल जीवन मिशन की जंग अब अपने आखिरी दौर में पहुंच गई है। विकास भवन, रोशनाबाद में हुई समीक्षा बैठक में सामने आए आंकड़ों ने जहां मिशन की बड़ी प्रगति की तस्वीर दिखाई, वहीं हजारों परिवारों तक अभी घरेलू जल संयोजन पहुंचना बाकी होने से प्रशासन के सामने चुनौती भी साफ दिखाई दी।
मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में जल जीवन मिशन के तहत जिले में चल रही पेयजल योजनाओं की एक-एक कर समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि जनपद में कुल 2,49,092 परिवार हैं। इनमें से अब तक 2,41,513 परिवारों यानी 96.96 प्रतिशत को घरेलू जल संयोजन उपलब्ध कराया जा चुका है।
यानी मिशन ने करीब 97 प्रतिशत का आंकड़ा छू लिया है, लेकिन 7,579 परिवार अभी भी घरेलू जल संयोजन से बाहर हैं। अब प्रशासन का फोकस इन शेष परिवारों तक सुविधा पहुंचाने पर है।
🎥 473 गांवों में 458 ने पार किया ‘हर घर जल’ टेस्ट
जल जीवन मिशन के तहत हरिद्वार जनपद में कुल 473 राजस्व ग्राम हैं। इनमें से 458 गांवों में मिशन के समस्त कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं और इन गांवों का ‘हर घर जल’ प्रमाणीकरण भी हो चुका है।
लेकिन कहानी अभी पूरी नहीं हुई है।
15 राजस्व ग्राम ऐसे हैं, जहां मिशन के सभी कार्य पूरे होना बाकी है। इन गांवों को भी जल्द से जल्द ‘हर घर जल’ की सूची में शामिल कराने के लिए प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को गति बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
💥 505 योजनाओं में 430 पूरी, 75 अभी मैदान में
समीक्षा बैठक में सामने आया कि जनपद में जल जीवन मिशन के अंतर्गत 505 पेयजल योजनाएं स्वीकृत हैं। इनमें से 430 योजनाओं का कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि 75 योजनाओं पर कार्य अभी प्रगति पर है।
अब इन 75 योजनाओं को मिशन का अगला टारगेट माना जा रहा है। मुख्य विकास अधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शेष योजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा कराया जाए।
सिर्फ पाइपलाइन बिछाकर या कनेक्शन देकर फाइल बंद करने के बजाय यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया कि हर पात्र परिवार तक स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल वास्तव में पहुंचे।
🚨 सीडीओ डॉ ललित नारायण मिश्र का एक्शन मोड—मॉनिटरिंग से लेकर क्वालिटी कंट्रोल तक कड़ी नजर
मुख्य विकास अधिकारी ने जल जीवन मिशन के कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने के साथ-साथ गुणवत्ता नियंत्रण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। अधिकारियों को समयबद्ध प्रगति सुनिश्चित करने और शेष कार्यों को तेजी से पूरा करने को कहा गया।
प्रशासन की प्राथमिकता अब साफ है—जो परिवार छूट गए हैं, उन्हें सुविधा से जोड़ना और जिन गांवों में काम बाकी है, वहां काम पूरा कराना।
⚠️ जनहित अलर्ट: आंकड़ों के बाद अब जमीनी हकीकत की बारी
जल जीवन मिशन के आंकड़े भले ही 96.96 प्रतिशत कवरेज दिखा रहे हों, लेकिन आम जनता के लिए असली सवाल कनेक्शन की संख्या से आगे का है—क्या घर की टोंटी में नियमित पानी आ रहा है?
इसीलिए शेष 7,579 परिवारों, 15 राजस्व ग्रामों और 75 लंबित पेयजल योजनाओं पर अब जनता की निगाहें रहेंगी।
फिल्मी अंदाज में कहें तो—
“पहला राउंड जीत लिया गया है… लेकिन मिशन का क्लाइमेक्स तब होगा, जब हर पात्र परिवार के घर की टोंटी से नियमित पानी की धार निकलेगी!”
बैठक में जल जीवन मिशन के नोडल अधिकारी गम्भीर सिंह तोमर, अधिशासी अभियंता उत्तराखण्ड जल संस्थान विपिन चौहान, अधीक्षण अभियंता यशवीर मल्ल, जिला पंचायती राज अधिकारी एम.एम. खान, अधिशासी अभियंता जल निगम सुधीर कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।



