हरिद्वार की 318 ग्राम पंचायतों में लगेगा वित्तीय समावेशन का महाअभियान! 15 जून से 15 जुलाई तक घर-घर पहुंचेगी बैंकिंग और सामाजिक सुरक्षा योजनाएं,, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में बनी रणनीति; लक्ष्य— हर पात्र परिवार को बैंक खाता, बीमा, पेंशन और डिजिटल बैंकिंग सुविधाओं से जोड़ना,, PMJJBY, PMSBY, APY, आधार सीडिंग, CKYC और री-केवाईसी जैसी सेवाएं मिलेंगी ग्राम पंचायत स्तर पर; CDO डॉ. ललित नारायण मिश्र ने अधिकतम जनभागीदारी सुनिश्चित करने के दिए निर्देश,,

हरिद्वार की 318 ग्राम पंचायतों में लगेगा वित्तीय समावेशन का महाअभियान! 15 जून से 15 जुलाई तक घर-घर पहुंचेगी बैंकिंग और सामाजिक सुरक्षा योजनाएं,,
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में बनी रणनीति; लक्ष्य— हर पात्र परिवार को बैंक खाता, बीमा, पेंशन और डिजिटल बैंकिंग सुविधाओं से जोड़ना,,
PMJJBY, PMSBY, APY, आधार सीडिंग, CKYC और री-केवाईसी जैसी सेवाएं मिलेंगी ग्राम पंचायत स्तर पर; CDO डॉ. ललित नारायण मिश्र ने अधिकतम जनभागीदारी सुनिश्चित करने के दिए निर्देश,,
इन्तजार रजा हरिद्वार। ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय सेवाओं की पहुंच को और अधिक मजबूत बनाने तथा प्रत्येक पात्र परिवार को बैंकिंग एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने के उद्देश्य से हरिद्वार जनपद में एक माह का विशेष अभियान चलाया जाएगा। भारत सरकार के वित्तीय सेवाएं विभाग (DFS) के निर्देशानुसार जनपद की सभी 318 ग्राम पंचायतों में 15 जून 2026 से 15 जुलाई 2026 तक “फाइनेंशियल इन्क्लूजन सैचुरेशन कैंप” आयोजित किए जाएंगे। इस अभियान का उद्देश्य वित्तीय समावेशन को शत-प्रतिशत सुनिश्चित करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बैंकिंग सेवाओं, बीमा योजनाओं, पेंशन योजनाओं तथा डिजिटल वित्तीय सुविधाओं से जोड़ना है।
इस संबंध में कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र, जिला स्तरीय अधिकारियों, विभिन्न राष्ट्रीयकृत एवं निजी बैंकों के प्रतिनिधियों तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों ने प्रतिभाग किया। बैठक में अभियान के सफल संचालन के लिए विस्तृत कार्ययोजना, जिम्मेदारियों के निर्धारण और विभागीय समन्वय पर विस्तार से चर्चा की गई।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा कि वित्तीय समावेशन केवल बैंक खाते खोलने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक वित्तीय सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण की सुविधाएं पहुंचाना है। उन्होंने सभी बैंकों और विभागों को निर्देशित किया कि ग्राम पंचायत स्तर पर आयोजित होने वाले कैंपों में पात्र लाभार्थियों को अधिकतम सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र व्यक्ति बैंकिंग सेवाओं और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से वंचित न रहे।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कैंपों में प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY), प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY), अटल पेंशन योजना (APY), जनधन खातों, आधार सीडिंग, नामांकन, सेंट्रल केवाईसी (CKYC), पुनः केवाईसी (Re-KYC) तथा डिजिटल बैंकिंग सेवाओं से संबंधित सभी आवश्यक कार्य एक ही स्थान पर उपलब्ध कराए जाएं। इससे ग्रामीणों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और उन्हें एक ही मंच पर विभिन्न वित्तीय सेवाओं का लाभ मिल सकेगा।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने विशेष रूप से डिजिटल बैंकिंग को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में डिजिटल लेन-देन और ऑनलाइन बैंकिंग सेवाएं आर्थिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी हैं। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भी डिजिटल भुगतान, मोबाइल बैंकिंग, यूपीआई, इंटरनेट बैंकिंग और अन्य डिजिटल वित्तीय सेवाओं के प्रति जागरूक किया जाना आवश्यक है। उन्होंने बैंक अधिकारियों को निर्देशित किया कि कैंपों में लोगों को डिजिटल लेन-देन के सुरक्षित तरीकों की जानकारी भी दी जाए।
मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र ने कहा कि यह अभियान ग्रामीण विकास और सामाजिक सुरक्षा के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि ग्राम पंचायत स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि अधिक से अधिक लोग इन कैंपों तक पहुंच सकें। उन्होंने ग्राम प्रधानों, पंचायत प्रतिनिधियों, स्वयं सहायता समूहों, आशा कार्यकर्ताओं और अन्य स्थानीय संस्थाओं के सहयोग से जनजागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया।
बैठक में उपस्थित अधिकारियों को बताया गया कि वित्तीय समावेशन का मुख्य उद्देश्य केवल बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि लोगों को आर्थिक रूप से सुरक्षित बनाना भी है। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना जैसी योजनाएं कम प्रीमियम पर बीमा सुरक्षा प्रदान करती हैं, जबकि अटल पेंशन योजना असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों और आम नागरिकों को वृद्धावस्था में नियमित आय की सुरक्षा देती है। इन योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना अभियान की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।
लीड बैंक मैनेजर (एलडीएम) दिनेश कुमार गुप्ता ने बैठक में सभी बैंक शाखाओं से इस अभियान में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि यह केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर वित्तीय समावेशन के लक्ष्य को प्राप्त करने का महत्वपूर्ण अभियान है। उन्होंने सभी बैंक अधिकारियों से कहा कि वे ग्राम पंचायत स्तर पर आयोजित कैंपों में पर्याप्त स्टाफ और संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करें ताकि लाभार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।उन्होंने बताया कि कैंपों के माध्यम से ऐसे परिवारों और व्यक्तियों की पहचान की जाएगी जो अभी तक बैंकिंग सेवाओं या सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से नहीं जुड़े हैं। इसके अतिरिक्त जिन लोगों के बैंक खातों में आधार सीडिंग, केवाईसी या अन्य तकनीकी प्रक्रियाएं लंबित हैं, उन्हें भी मौके पर ही पूरा किया जाएगा।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि अभियान की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी तथा प्रत्येक ग्राम पंचायत में हुए कार्यों की समीक्षा की जाएगी। संबंधित विभागों और बैंक अधिकारियों को समयबद्ध लक्ष्य निर्धारित कर दिए गए हैं ताकि अभियान के अंत तक जनपद की सभी 318 ग्राम पंचायतों में वित्तीय समावेशन के निर्धारित उद्देश्यों को प्राप्त किया जा सके।
बैठक में जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश सहित विभिन्न बैंकों के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों ने अभियान को सफल बनाने के लिए पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह अभियान प्रभावी ढंग से संचालित होता है तो इससे न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं की पहुंच बढ़ेगी, बल्कि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ भी बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंचेगा। इससे आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्गों को वित्तीय सुरक्षा मिलेगी तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्राप्त होगी। हरिद्वार जनपद में शुरू होने जा रहा यह अभियान वित्तीय समावेशन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, जो ग्रामीण विकास और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में नए आयाम स्थापित कर सकता है।



