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कारगिल विजय दिवस: हरिद्वार ने शौर्य दिवस के रूप में किया वीर सपूतों को नमन, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने वीर नारियों को किया सम्मानित,, कलेक्ट्रेट में शहीदों को पुष्पांजलि, सैनिकों और पूर्व सैनिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान का भरोसा,, कारगिल के रणबांकुरों के बलिदान को किया याद, एनसीसी कैडेटों और खेल प्रतिभाओं को भी किया सम्मानित,,

कारगिल विजय दिवस: हरिद्वार ने शौर्य दिवस के रूप में किया वीर सपूतों को नमन, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने वीर नारियों को किया सम्मानित,,

कलेक्ट्रेट में शहीदों को पुष्पांजलि, सैनिकों और पूर्व सैनिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान का भरोसा,,

कारगिल के रणबांकुरों के बलिदान को किया याद, एनसीसी कैडेटों और खेल प्रतिभाओं को भी किया सम्मानित,,

हरिद्वार, 26 जुलाई। कारगिल विजय दिवस को जनपद हरिद्वार में ‘शौर्य दिवस’ के रूप में पूरे सम्मान और उत्साह के साथ मनाया गया। जिला सैनिक कल्याण विभाग एवं जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग करते हुए कारगिल के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा वीर नारियों और शहीद सैनिकों के परिजनों को शॉल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।

कार्यक्रम की शुरुआत कलेक्ट्रेट परिसर में कारगिल शहीदों एवं अन्य वीर सैनिकों के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ हुई। इसके बाद सभी उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को श्रद्धासुमन अर्पित किए और गार्ड ऑफ ऑनर देकर सम्मान व्यक्त किया।

इसके उपरांत जिला कार्यालय सभागार में आयोजित समारोह का शुभारंभ जिलाधिकारी मयूर दीक्षित एवं सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सिमरनजीत कौर ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। अपने संबोधन में जिलाधिकारी ने कहा कि कारगिल विजय दिवस भारत के सैन्य इतिहास का गौरवशाली अध्याय है। आज हम कारगिल विजय की 27वीं वर्षगांठ मना रहे हैं, जब भारतीय सेना के वीर जवानों ने अदम्य साहस, पराक्रम और बलिदान से दुश्मन को परास्त कर तिरंगे की आन-बान-शान को कायम रखा।

उन्होंने कहा कि कारगिल युद्ध में उत्तराखंड के 75 वीर सैनिकों ने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर किए। ऐसे वीर सपूतों और उनके माता-पिता को राष्ट्र सदैव नमन करता रहेगा। उन्होंने कहा कि सीमा पर तैनात सैनिक कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी देश की सुरक्षा के लिए पूरी निष्ठा से अपने दायित्वों का निर्वहन करते हैं, इसलिए उनका सम्मान और उनके परिवारों की सुरक्षा समाज और प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा कि यदि शहीद सैनिकों की वीर नारियों, सीमा पर तैनात सैनिकों के परिजनों अथवा पूर्व सैनिकों को किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो वे जिला सैनिक कल्याण अधिकारी के माध्यम से अपनी बात प्रशासन तक पहुंचा सकते हैं। जिला प्रशासन उनकी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित समाधान सुनिश्चित करेगा।

समारोह में जनपद के आठ शहीद सैनिकों की वीर नारियों एवं परिजनों को शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान एनसीसी कैडेटों तथा खेल विभाग छात्रावास के बालक एवं बालिका वर्ग के खिलाड़ियों को हॉकी प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए ट्रॉफी और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

नगर निगम हरिद्वार की महापौर श्रीमती किरण जैसल ने कहा कि कारगिल युद्ध के वीर सैनिकों का सर्वोच्च बलिदान सदैव देशवासियों को राष्ट्रभक्ति, साहस और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा देता रहेगा। उन्होंने कहा कि आज देश सुरक्षित और गौरवान्वित है तो इसका श्रेय उन वीर जवानों को जाता है जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर भारत की सीमाओं की रक्षा की। उन्होंने सभी नागरिकों से राष्ट्र की एकता, अखंडता और सम्मान की रक्षा के लिए सदैव समर्पित रहने का आह्वान किया।

सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सिमरनजीत कौर ने भी शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पूर्व सैनिकों, वर्तमान सैनिकों, उनके आश्रितों, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने उपस्थित सैनिकों और उनके परिवारों से कानूनी सहायता की आवश्यकता होने पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से संपर्क करने का आग्रह किया।

विंग कमांडर (सेवानिवृत्त) एवं जिला सैनिक कल्याण अधिकारी डॉ. सरिता पंवार ने कारगिल युद्ध के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वर्ष 1999 में 78 दिनों तक चले इस युद्ध में उत्तराखंड के 75 वीर जवान शहीद हुए थे। उन्होंने विशेष रूप से जनपद हरिद्वार के राइफलमैन मान सिंह गोसाईं, जिन्होंने 29 जून 1999 को कारगिल युद्ध में वीरगति प्राप्त की थी, को श्रद्धापूर्वक नमन किया। कार्यक्रम में मुख्य शिक्षा अधिकारी अमित कुमार चंद, जिला सूचना अधिकारी रती लाल शाह, सूबेदार सुधीर चंद्र, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी वीरेंद्र सिंह रावत, शहीद सैनिकों की वीर नारियां, पूर्व सैनिक, सैनिक संगठनों के पदाधिकारी, एनसीसी कैडेट, छात्र-छात्राएं तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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