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हरिद्वार में दर्दनाक हादसा: नहर में डूबने से चार कांवड़ियों की मौत, कांवड़ यात्रा में पसरा मातम,, जटवाड़ा पुल के पास नहाने उतरे चारों नाबालिग श्रद्धालु गहरे पानी में समाए, पुलिस-जल पुलिस ने रेस्क्यू कर निकाले शव,, एसपी सिटी अभय सिंह की अपील—निर्धारित और सुरक्षित घाटों पर ही करें स्नान, चेतावनी वाले स्थानों से रहें दूर

हरिद्वार में दर्दनाक हादसा: नहर में डूबने से चार कांवड़ियों की मौत, कांवड़ यात्रा में पसरा मातम,,

जटवाड़ा पुल के पास नहाने उतरे चारों नाबालिग श्रद्धालु गहरे पानी में समाए, पुलिस-जल पुलिस ने रेस्क्यू कर निकाले शव,,

एसपी सिटी अभय सिंह की अपील—निर्धारित और सुरक्षित घाटों पर ही करें स्नान, चेतावनी वाले स्थानों से रहें दूर

हरिद्वार। कांवड़ यात्रा के दौरान हरिद्वार से एक बेहद दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। ज्वालापुर क्षेत्र स्थित जटवाड़ा पुल के पास नहर में स्नान करने उतरे चार नाबालिग कांवड़ियों की डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस, जल पुलिस और अन्य राहत एवं बचाव दल मौके पर पहुंचे तथा तत्काल रेस्क्यू अभियान शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद चारों कांवड़ियों के शव नहर से बाहर निकाले गए। हादसे के बाद मृतकों के साथ आए अन्य कांवड़ियों और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार चारों कांवड़िए चंडीगढ़ से हरिद्वार गंगाजल लेने आए एक जत्थे का हिस्सा थे। सभी की उम्र लगभग 16 से 18 वर्ष के बीच बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि कांवड़िए निर्धारित घाट पर स्नान करने के बजाय जटवाड़ा पुल के समीप नहर में उतर गए। नहर के तेज बहाव और गहरे पानी का अंदाजा न लग पाने के कारण चारों देखते ही देखते पानी में डूब गए। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, जल पुलिस और राहत दल मौके पर पहुंचे। रेस्क्यू अभियान चलाकर चारों युवकों को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने सभी शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवा दिया है। मृतकों की पहचान और उनके परिजनों को सूचना देने की कार्रवाई भी की जा रही है।

एसपी सिटी अभय सिंह ने बताया कि कांवड़ यात्रा को देखते हुए प्रशासन द्वारा सभी प्रमुख घाटों पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। संवेदनशील स्थानों पर एसडीआरएफ के जवान तैनात हैं, चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं और लगातार श्रद्धालुओं को सुरक्षित घाटों पर ही स्नान करने की सलाह दी जा रही है। इसके बावजूद कुछ श्रद्धालु निर्धारित घाटों को छोड़कर प्रतिबंधित एवं असुरक्षित स्थानों पर स्नान करने चले जाते हैं, जिससे इस तरह की दुखद घटनाएं सामने आती हैं।

उन्होंने कहा कि पुलिस पूरे मामले की आवश्यक कार्रवाई कर रही है। प्रशासन ने सभी कांवड़ यात्रियों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे केवल प्रशासन द्वारा चिन्हित सुरक्षित घाटों पर ही स्नान करें, नहरों और गहरे पानी वाले स्थानों से दूर रहें तथा पुलिस और प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पूरी तरह पालन करें। यह हादसा कांवड़ यात्रा के बीच सुरक्षा नियमों की अनदेखी के गंभीर परिणामों की याद दिलाता है। प्रशासन ने एक बार फिर सभी श्रद्धालुओं से सतर्कता बरतने और किसी भी प्रकार का जोखिम न उठाने की अपील की है, ताकि आस्था का यह महापर्व सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।

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