कांवड़ मेले में हरिद्वार पुलिस बनी ‘जीवन रक्षक’: सतर्कता, समझाइश और त्वरित रेस्क्यू से टली कई बड़ी अनहोनियां,, नहर में स्नान कर रहे 50 शिवभक्तों को खतरे से बचाया, गंगा के तेज बहाव में फंसे तीन श्रद्धालुओं का सकुशल रेस्क्यू, अचेत वृद्ध को समय पर पहुंचाया अस्पताल,, एसडीआरएफ, जल पुलिस और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की तत्परता ने बचाईं कई जानें, सुरक्षित कांवड़ यात्रा को लेकर लगातार जारी है जागरूकता अभियान

कांवड़ मेले में हरिद्वार पुलिस बनी ‘जीवन रक्षक’: सतर्कता, समझाइश और त्वरित रेस्क्यू से टली कई बड़ी अनहोनियां,,
नहर में स्नान कर रहे 50 शिवभक्तों को खतरे से बचाया, गंगा के तेज बहाव में फंसे तीन श्रद्धालुओं का सकुशल रेस्क्यू, अचेत वृद्ध को समय पर पहुंचाया अस्पताल,,
एसडीआरएफ, जल पुलिस और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की तत्परता ने बचाईं कई जानें, सुरक्षित कांवड़ यात्रा को लेकर लगातार जारी है जागरूकता अभियान
हरिद्वार। कांवड़ मेला-2026 के दौरान हरिद्वार पुलिस, एसडीआरएफ और जल पुलिस की सतर्कता एवं त्वरित कार्रवाई लगातार श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा कवच साबित हो रही है। शुक्रवार को अलग-अलग स्थानों पर हुई कई घटनाओं में पुलिस की समय पर की गई कार्रवाई से संभावित बड़े हादसे टल गए। कहीं नहर में स्नान कर रहे लगभग 50 शिवभक्तों को समझाइश देकर सुरक्षित स्थानों की ओर भेजा गया, तो कहीं गंगा के तेज बहाव में फंसे श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकालकर नई जिंदगी दी गई। वहीं सड़क किनारे अचेत पड़े एक वृद्ध को तत्काल प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराकर अस्पताल पहुंचाया गया।
सबसे पहले नसीरपुर नहर पुल के पास पुलिस ने एक संभावित बड़े हादसे को समय रहते टाल दिया। यहां मेरठ और दिल्ली से आए लगभग 50 शिवभक्त नहर में जमा पानी में स्नान कर रहे थे। क्षेत्र में पहले भी डूबने की घटनाएं हो चुकी हैं, जिसके चलते स्थिति को गंभीरता से लेते हुए सुपर जोनल अधिकारी एवं अपर पुलिस अधीक्षक विवेक कुमार (एडीएसपी एसटीएफ) स्वयं मौके पर पहुंचे। उन्होंने श्रद्धालुओं से बातचीत करते हुए नहर में स्नान के खतरों के बारे में विस्तार से जानकारी दी और पूर्व में हुई दुर्घटनाओं का उल्लेख करते हुए सभी से केवल प्रशासन द्वारा निर्धारित सुरक्षित स्नान घाटों का ही उपयोग करने की अपील की। पुलिस की समझाइश के बाद श्रद्धालुओं ने भी सहयोग करते हुए सुरक्षित घाटों की ओर रुख किया।
इसी दिन कांवड़ मेले के दौरान कांगड़ा घाट पर एसडीआरएफ उत्तराखंड की टीम ने अपनी सतर्कता और उत्कृष्ट रेस्क्यू क्षमता का परिचय देते हुए दो युवकों की जान बचा ली। पहली घटना में झांसी निवासी 18 वर्षीय सुधीश ठाकुर स्नान करते समय गंगा के तेज बहाव में फंस गए। घाट पर तैनात एसडीआरएफ जवानों ने बिना समय गंवाए नदी में छलांग लगाई और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालकर प्राथमिक उपचार दिया।
कुछ ही देर बाद दूसरी घटना में उत्तर प्रदेश के बागपत निवासी 28 वर्षीय राहुल गंगा के गहरे पानी और तेज धारा में फंस गए। एसडीआरएफ टीम ने तत्काल रेस्क्यू अभियान शुरू किया और कुछ ही मिनटों में उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया। दोनों श्रद्धालुओं ने अपनी जान बचाने पर एसडीआरएफ के जवानों का आभार व्यक्त किया तथा उनकी बहादुरी, त्वरित निर्णय क्षमता और मानवीय संवेदनशीलता की सराहना की।
हर की पैड़ी क्षेत्र में भी जल पुलिस की मुस्तैदी ने एक बड़ा हादसा होने से रोक दिया। दिल्ली के मंगोलपुरी निवासी 24 वर्षीय अभिषेक अपने साथियों के साथ गंगा स्नान कर रहे थे। स्नान के दौरान वह अचानक गंगा के तेज बहाव की चपेट में आकर बहने लगे। मौके पर गश्त कर रही जल पुलिस टीम ने स्थिति को भांपते ही तत्काल कार्रवाई शुरू की। एएसआई अतुल सिंह के नेतृत्व में जल पुलिस के जवानों ने तेज बहाव में उतरकर अभिषेक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इसके बाद उनके साथी निशांत को भी गंगा में स्नान करते समय पूरी सावधानी बरतने की हिदायत दी गई और अभिषेक को सुरक्षित उनके सुपुर्द कर दिया गया।
दिनभर की घटनाओं के बीच मानवता की मिसाल पेश करने वाली एक और घटना सामने आई। टोल प्लाजा से हरिद्वार की ओर लगभग 60 मीटर दूरी पर कांवड़ यात्रियों ने सड़क किनारे एक वृद्ध व्यक्ति को अचेत अवस्था में पड़े देखा और इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही रिक्रूट कांस्टेबल दीपक सिंह पटवाल और रिक्रूट कांस्टेबल सौरभ बुढ़लाकोटी तुरंत मौके पर पहुंचे। दोनों पुलिसकर्मियों ने पहले वृद्ध को होश में लाने का प्रयास करते हुए प्राथमिक उपचार दिया, लेकिन जब कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली तो उन्होंने आसपास मौजूद कांवड़ यात्रियों से गद्दा लेकर वृद्ध को सावधानीपूर्वक उस पर लिटाया और निकट स्थित एनएचएआई के प्राथमिक उपचार केंद्र तक पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने उन्हें तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई, जिससे समय रहते उनका उपचार शुरू हो सका।
कांवड़ मेले में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए हरिद्वार पुलिस, एसडीआरएफ, जल पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां चौबीसों घंटे मुस्तैदी से ड्यूटी निभा रही हैं। संवेदनशील घाटों, नहरों और गंगा के तेज बहाव वाले क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। साथ ही लाउडस्पीकर, जागरूकता अभियान और पुलिसकर्मियों के माध्यम से श्रद्धालुओं को लगातार सुरक्षित स्नान घाटों का उपयोग करने, प्रतिबंधित क्षेत्रों में न जाने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की जा रही है।
हरिद्वार पुलिस ने एक बार फिर सभी कांवड़ यात्रियों और श्रद्धालुओं से आग्रह किया है कि वे अपनी आस्था के साथ सुरक्षा को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दें। केवल चिन्हित एवं सुरक्षित घाटों पर ही स्नान करें, तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहें और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल पुलिस, जल पुलिस या एसडीआरएफ की सहायता लें। पुलिस का कहना है कि सभी श्रद्धालुओं का सकुशल दर्शन और सुरक्षित घर वापसी ही प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।



