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मन की बात से मिला आत्मनिर्भर भारत का नया संकल्प: मुख्यमंत्री धामी ने पूर्व सैनिकों संग सुना प्रधानमंत्री मोदी का 136वां संस्करण,, कारगिल शौर्य दिवस पर शहीदों को दी श्रद्धांजलि, परमवीर चक्र विजेताओं की अनुग्रह राशि ₹1.50 करोड़ से बढ़ाकर ₹2 करोड़ करने की घोषणा,, सैनिकों, पूर्व सैनिकों और शहीद परिवारों के सम्मान में उत्तराखंड सरकार के कई बड़े फैसले, मुख्यमंत्री बोले— राष्ट्रसेवा सर्वोच्च प्राथमिकता,,

मन की बात से मिला आत्मनिर्भर भारत का नया संकल्प: मुख्यमंत्री धामी ने पूर्व सैनिकों संग सुना प्रधानमंत्री मोदी का 136वां संस्करण,,

कारगिल शौर्य दिवस पर शहीदों को दी श्रद्धांजलि, परमवीर चक्र विजेताओं की अनुग्रह राशि ₹1.50 करोड़ से बढ़ाकर ₹2 करोड़ करने की घोषणा,,

सैनिकों, पूर्व सैनिकों और शहीद परिवारों के सम्मान में उत्तराखंड सरकार के कई बड़े फैसले, मुख्यमंत्री बोले— राष्ट्रसेवा सर्वोच्च प्राथमिकता,,

देहरादून। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को देहरादून स्थित गांधी पार्क में पूर्व सैनिकों, वीर नारियों तथा शहीद सैनिकों के परिजनों के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 136वें संस्करण को सुना। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मन की बात’ केवल एक रेडियो कार्यक्रम नहीं, बल्कि देशवासियों को सकारात्मक दिशा देने वाला जनआंदोलन बन चुका है, जिसने समाज के हर वर्ग को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बार के कार्यक्रम में डीआरडीओ की उपलब्धियों, रक्षा उत्पादन में भारत की आत्मनिर्भरता, रक्षा निर्यात, जल संरक्षण, हस्तशिल्पों के संवर्धन तथा ‘वोकल फॉर लोकल’ जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर देशवासियों का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का यह संदेश आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को और अधिक मजबूत करता है तथा युवाओं को नवाचार और स्वदेशी उत्पादों के प्रति प्रेरित करता है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत आज रक्षा, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार और आर्थिक विकास के क्षेत्र में लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। देश की सीमाएं अधिक सुरक्षित हुई हैं और सीमांत क्षेत्रों का अभूतपूर्व विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि आज भारत वैश्विक मंच पर एक मजबूत, सक्षम और आत्मनिर्भर राष्ट्र के रूप में अपनी पहचान स्थापित कर रहा है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड वीर सैनिकों की भूमि है और राज्य सरकार सैनिकों, पूर्व सैनिकों तथा शहीद परिवारों के सम्मान और कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार ऐसी योजनाएं लागू कर रही है, जिनसे सैनिकों और उनके परिवारों को सम्मानजनक जीवन एवं बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

इससे पूर्व कारगिल विजय दिवस (शौर्य दिवस) के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गांधी पार्क स्थित शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर देश के अमर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कारगिल युद्ध के वीरों के अदम्य साहस, शौर्य और बलिदान को नमन करते हुए कहा कि देश उनके त्याग को कभी नहीं भूल सकता। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि परमवीर चक्र से सम्मानित वीरों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि ₹1.50 करोड़ से बढ़ाकर ₹2 करोड़ कर दी गई है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय देश की सर्वोच्च वीरता का सम्मान करने वाले सैनिकों के प्रति राज्य सरकार की कृतज्ञता का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने सैनिकों और शहीद परिवारों के हित में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। शहीदों के आश्रितों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि ₹10 लाख से बढ़ाकर ₹50 लाख कर दी गई है। इसके साथ ही वीरता पुरस्कार प्राप्त जवानों को मिलने वाली एकमुश्त तथा वार्षिक सहायता राशि में भी उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। उन्होंने कहा कि बलिदानी परिवारों के एक सदस्य को सरकारी सेवा में समायोजन की व्यवस्था को और प्रभावी बनाया गया है। साथ ही सरकारी नौकरी के लिए आवेदन करने की समय-सीमा दो वर्ष से बढ़ाकर पांच वर्ष कर दी गई है, ताकि परिवारों को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि शहीद परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए आर्थिक सहायता, वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों को उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क यात्रा, पूर्व सैनिकों को संपत्ति क्रय पर स्टाम्प शुल्क में छूट तथा शस्त्र लाइसेंस की प्रक्रिया को सरल बनाने जैसे अनेक निर्णय राज्य सरकार द्वारा लागू किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इन निर्णयों का उद्देश्य सैनिकों और उनके परिवारों को सम्मान, सुरक्षा और सुविधाएं उपलब्ध कराना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि होने के साथ-साथ वीरभूमि भी है। यहां का लगभग हर परिवार किसी न किसी रूप में सेना से जुड़ा रहा है। इसलिए सैनिकों का सम्मान केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं बल्कि पूरे समाज का दायित्व है। उन्होंने सभी नागरिकों से सैनिकों और शहीद परिवारों के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता बनाए रखने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक मुन्ना सिंह चौहान, दायित्वधारी सुभाष बड़थ्वाल, सचिव युगल किशोर पंत, मेजर जनरल सम्मी सभरवाल (सेवानिवृत्त), बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, वीर नारियां तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आत्मनिर्भरता, राष्ट्रीय सुरक्षा और विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है तथा उत्तराखंड सरकार भी सैनिकों, पूर्व सैनिकों और शहीद परिवारों के सम्मान एवं कल्याण के लिए हर संभव कदम उठाती रहेगी।

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