उत्तराखंडएक्सक्लूसिव खबरें

हरिद्वार में स्कूल वाहनों पर बड़ा एक्शन: डीएम मयूर दीक्षित के निर्देश पर दूसरे दिन भी चला परिवहन विभाग का डंडा, 45 वाहनों के चालान,, अब तक 75 से अधिक स्कूल वाहन कार्रवाई की जद में, फिटनेस, परमिट और सुरक्षा मानकों में भारी लापरवाही उजागर,, एआरटीओ प्रशासन निखिल शर्मा की दो टूक चेतावनी— बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर नहीं बख्शा जाएगा

हरिद्वार में स्कूल वाहनों पर बड़ा एक्शन: डीएम मयूर दीक्षित के निर्देश पर दूसरे दिन भी चला परिवहन विभाग का डंडा, 45 वाहनों के चालान,,

अब तक 75 से अधिक स्कूल वाहन कार्रवाई की जद में, फिटनेस, परमिट और सुरक्षा मानकों में भारी लापरवाही उजागर,,

एआरटीओ प्रशासन निखिल शर्मा की दो टूक चेतावनी— बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर नहीं बख्शा जाएगा

इन्तजार रजा हरिद्वार.. हरिद्वार में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए नियम तोड़ने वाले विद्यालय वाहनों के खिलाफ बड़ा अभियान छेड़ दिया है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के स्पष्ट निर्देशों पर परिवहन विभाग द्वारा चलाए जा रहे विशेष जांच अभियान के दूसरे दिन भी व्यापक कार्रवाई की गई। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में स्कूल बसों और अन्य विद्यालय वाहनों की सघन जांच के दौरान 45 विद्यालय वाहनों के चालान किए गए। इसके साथ ही दो दिनों में 75 से अधिक स्कूल वाहनों पर कार्रवाई कर परिवहन विभाग ने साफ संदेश दे दिया है कि बच्चों की सुरक्षा से समझौता किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) नेहा झा के नेतृत्व में चलाए गए इस विशेष अभियान के दौरान परिवहन विभाग की टीमों ने स्कूलों और प्रमुख मार्गों पर वाहनों की गहन जांच की। निरीक्षण में कई वाहनों में फिटनेस प्रमाणपत्र, वैध परमिट, चालक के वैध ड्राइविंग लाइसेंस, अग्निशमन यंत्र (फायर एक्सटिंग्विशर), फर्स्ट एड बॉक्स और अनिवार्य लेडी अटेंडेंट जैसी जरूरी व्यवस्थाओं का अभाव मिला। इन गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए मोटरयान अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के तहत तत्काल चालानी कार्रवाई की गई।

एआरटीओ (प्रशासन) निखिल शर्मा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विद्यालय वाहन केवल परिवहन का साधन नहीं, बल्कि हजारों बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी हैं। यदि कोई भी स्कूल प्रबंधन या वाहन संचालक सुरक्षा मानकों की अनदेखी करता पाया गया तो उसके खिलाफ और भी कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि बच्चों की जान जोखिम में डालने वालों के प्रति विभाग की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति रहेगी।

अभियान के दौरान स्कूल प्रबंधन और वाहन चालकों को निर्देश दिए गए कि सभी आवश्यक दस्तावेज, सुरक्षा उपकरण और शासन द्वारा निर्धारित मानकों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करें। विभाग ने चेतावनी दी कि बिना फिटनेस, परमिट या सुरक्षा व्यवस्थाओं के विद्यालय वाहनों का संचालन किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

आज के विशेष अभियान में परिवहन कर अधिकारी मुकेश भारती, परिवहन कर अधिकारी वरुणा सैनी, परिवहन उपनिरीक्षक अश्वनी कुमार सहित विभाग की प्रवर्तन टीम सक्रिय रूप से मौजूद रही। अधिकारियों ने कहा कि यह अभियान आने वाले दिनों में और अधिक व्यापक स्तर पर जारी रहेगा तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी विद्यालय वाहन को बख्शा नहीं जाएगा।

जिला प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई के बाद स्कूल संचालकों और वाहन मालिकों में हड़कंप का माहौल है। प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर सीधे कानूनी कार्रवाई होगी।

Related Articles

Back to top button