हरिद्वार में नकली पनीर फैक्ट्री पर बड़ा छापा: पुलिस-खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त कार्रवाई में 50 किलो संदिग्ध पनीर बरामद,, दूध पाउडर और फॉस्फेट से पनीर बनाने का खुलासा, 49 किलो पनीर मौके पर कराया गया नष्ट; संचालकों को खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत नोटिस,,

हरिद्वार में नकली पनीर फैक्ट्री पर बड़ा छापा: पुलिस-खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त कार्रवाई में 50 किलो संदिग्ध पनीर बरामद,,
दूध पाउडर और फॉस्फेट से पनीर बनाने का खुलासा, 49 किलो पनीर मौके पर कराया गया नष्ट; संचालकों को खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत नोटिस,,
हरिद्वार, 27 जुलाई। हरिद्वार जनपद में खाद्य पदार्थों में मिलावट और अवैध खाद्य निर्माण इकाइयों के खिलाफ प्रशासन ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए कांगड़ी क्षेत्र में संचालित एक डेयरी पर छापा मारा। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में श्यामपुर पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए लगभग 50 किलोग्राम संदिग्ध पनीर बरामद किया। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि पनीर के निर्माण में दूध पाउडर और फॉस्फेट का इस्तेमाल किया जा रहा था। मौके से मिल्क पाउडर के करीब 50 खाली पैकेट भी बरामद किए गए। खाद्य सुरक्षा विभाग ने पनीर और दूध के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए हैं, जबकि शेष पनीर को मौके पर ही नष्ट करा दिया गया।
प्रशासन द्वारा मिलावटखोरों के खिलाफ लगातार चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई श्यामपुर थाना प्रभारी निरीक्षक नितेश शर्मा को मिली सूचना के आधार पर की गई। सूचना मिलते ही पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने कांगड़ी स्थित गुर्जर डेयरी पर छापा मारा। टीम ने जब निर्माण स्थल की जांच की तो एक बड़े एल्यूमिनियम कंटेनर में बिक्री के लिए रखा गया लगभग 50 किलोग्राम पनीर बरामद हुआ।जांच के दौरान डेयरी संचालक के भाई सराफत अली से पूछताछ की गई। पूछताछ में उन्होंने बताया कि पनीर तैयार करने में दूध पाउडर और फॉस्फेट का प्रयोग किया गया है। इसके बाद टीम ने निर्माण स्थल की गहन तलाशी ली, जहां से मिल्क पाउडर के लगभग 50 खाली पैकेट भी बरामद हुए। अधिकारियों ने इन पैकेटों को कब्जे में लेकर जांच के लिए सुरक्षित कर लिया।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने मौके पर ही पनीर और निर्माण में प्रयुक्त दूध के नमूने एकत्र किए। दोनों नमूनों को परीक्षण के लिए राजकीय खाद्य प्रयोगशाला, रुद्रपुर भेजा गया है। अधिकारियों का कहना है कि प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद यदि खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।नमूने लेने के बाद डेयरी में मौजूद लगभग 49 किलोग्राम शेष पनीर को लोगों के उपयोग में आने से रोकने के लिए मौके पर ही नष्ट कराया गया। इसके लिए जेसीबी मशीन से गड्ढा खुदवाया गया और पूरे पनीर को उसमें दबाकर नष्ट कर दिया गया। प्रशासन का कहना है कि किसी भी संदिग्ध खाद्य सामग्री को बाजार में पहुंचने नहीं दिया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान एक और गंभीर अनियमितता सामने आई। अधिकारियों ने पाया कि डेयरी संचालक द्वारा केवल रिटेल व्यवसाय के लिए प्राप्त खाद्य लाइसेंस के आधार पर ही बड़े स्तर पर दुग्ध उत्पादों का निर्माण किया जा रहा था। यह खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन माना गया। इस आधार पर पनीर निर्माण इकाई के संचालक इमादत अली और मौके पर मौजूद उनके भाई सराफत अली को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के तहत वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिलीप जैन द्वारा नोटिस जारी किया गया।
खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाएगा। यदि प्रयोगशाला रिपोर्ट में पनीर मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया या मिलावट की पुष्टि हुई तो संबंधित संचालकों के खिलाफ अभियोजन सहित अन्य कठोर कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने यह भी कहा कि जिले में संचालित डेयरियों, मिठाई की दुकानों, दूध एवं दुग्ध उत्पाद निर्माण इकाइयों और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों की लगातार जांच की जा रही है।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने जनपद में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को नियमित रूप से निरीक्षण और छापेमारी अभियान जारी रखने के निर्देश दिए हैं। उनका कहना है कि आम जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। त्योहारों और विशेष अवसरों को देखते हुए खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखी जा रही है, ताकि लोगों तक शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री पहुंचे।
इस संयुक्त कार्रवाई में श्यामपुर थाना प्रभारी निरीक्षक नितेश शर्मा, उपनिरीक्षक रविंद्र गौड़, कांस्टेबल मनमोहन सैनी, सुशील, खाद्य सुरक्षा विभाग के उपायुक्त (गढ़वाल मंडल) राजेंद्र सिंह रावत, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिमानंद जोशी, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिलीप जैन, पवन कुमार सहित पुलिस एवं खाद्य सुरक्षा विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कहीं खाद्य पदार्थों में मिलावट, अवैध निर्माण या संदिग्ध खाद्य सामग्री की बिक्री की जानकारी मिले तो तत्काल प्रशासन या खाद्य सुरक्षा विभाग को सूचित करें। प्रशासन का कहना है कि मिलावटखोरों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।



