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उत्तराखंड की बेटी दामिनी बिष्ट ने दिल्ली में बिखेरा कथक का जादू, मनमोहक प्रस्तुति से जीता दर्शकों का दिल,, ‘धारा’ डुएट कथक रेसिटल में दामिनी बिष्ट और रवीना सिंह की शानदार जुगलबंदी बनी आकर्षण का केंद्र,, भारतीय शास्त्रीय नृत्य, संगीत और संस्कृति का अद्भुत संगम बना कार्यक्रम, कलाकारों की प्रस्तुति पर देर तक गूंजती रहीं तालियां

उत्तराखंड की बेटी दामिनी बिष्ट ने दिल्ली में बिखेरा कथक का जादू, मनमोहक प्रस्तुति से जीता दर्शकों का दिल,,

‘धारा’ डुएट कथक रेसिटल में दामिनी बिष्ट और रवीना सिंह की शानदार जुगलबंदी बनी आकर्षण का केंद्र,,

भारतीय शास्त्रीय नृत्य, संगीत और संस्कृति का अद्भुत संगम बना कार्यक्रम, कलाकारों की प्रस्तुति पर देर तक गूंजती रहीं तालियां

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में आयोजित एक भव्य सांस्कृतिक संध्या भारतीय शास्त्रीय कला और संस्कृति के नाम रही, जहां उत्तराखंड की प्रतिभाशाली कथक नृत्यांगना दामिनी बिष्ट ने अपनी शानदार प्रस्तुति से सभी का मन मोह लिया। इंडिया इंटरनेशनल सेंटर के सी.डी. देशमुख ऑडिटोरियम में आयोजित ‘धारा’ डुएट कथक रेसिटल में दामिनी बिष्ट और रवीना सिंह की मनमोहक जुगलबंदी ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। दोनों कलाकारों ने कथक की बारीकियों, भाव-भंगिमाओं, लय, ताल और अभिव्यक्ति का ऐसा समन्वय प्रस्तुत किया कि पूरा सभागार देर तक तालियों की गूंज से गूंजता रहा।

कार्यक्रम में प्रस्तुत प्रत्येक नृत्य रचना भारतीय शास्त्रीय परंपरा की समृद्ध विरासत को सजीव करती नजर आई। दामिनी बिष्ट की सधी हुई मुद्राएं, आकर्षक पद संचालन, प्रभावशाली अभिनय और मंच पर उनकी आत्मविश्वासपूर्ण उपस्थिति ने दर्शकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। वहीं रवीना सिंह के साथ उनका अद्भुत तालमेल कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता रहा। दोनों कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति के माध्यम से यह संदेश भी दिया कि भारतीय शास्त्रीय नृत्य केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक पहचान और आध्यात्मिक विरासत का जीवंत स्वरूप है।

कार्यक्रम को संगीत की उत्कृष्ट संगत ने और भी भव्य बना दिया। प्रसिद्ध गायक जयवर्धन दधीच के सुरों ने वातावरण को भावपूर्ण बनाया, जबकि सिद्धांत पुरोहित के प्रभावशाली पदंत ने कथक की प्रस्तुति में नई ऊर्जा भर दी। तबले पर यश गंगानी की लयकारी और सारंगी पर आमिर खान की मधुर धुनों ने पूरे आयोजन को एक यादगार सांस्कृतिक अनुभव में बदल दिया। नृत्य और संगीत का यह अद्भुत संगम दर्शकों के लिए लंबे समय तक याद रहने वाला पल बन गया।

उत्तराखंड की बेटी दामिनी बिष्ट की इस उपलब्धि ने एक बार फिर साबित किया कि राज्य की युवा प्रतिभाएं राष्ट्रीय मंचों पर अपनी कला का लोहा मनवा रही हैं। उनकी प्रस्तुति ने न केवल उत्तराखंड का गौरव बढ़ाया, बल्कि भारतीय शास्त्रीय नृत्य की समृद्ध परंपरा को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का कार्य किया।

कला प्रेमियों का मानना है कि ‘धारा’ जैसी प्रस्तुतियां भारतीय संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने के साथ-साथ देश की समृद्ध कलात्मक विरासत को आगे बढ़ाने का भी माध्यम बनते हैं। दिल्ली की यह सांस्कृतिक संध्या भारतीय शास्त्रीय नृत्य, संगीत और कला के प्रति समर्पण की एक खूबसूरत मिसाल बनकर लंबे समय तक याद की जाएगी।

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