दरवाजे पर निकले छात्र की करंट लगने से दर्दनाक मौत, बिजली के खंभे में दौड़ रहा था करंट,, मां बचाने दौड़ी, गंभीर हालत में एम्स ले जाया गया, डॉक्टरों ने किया मृत घोषित,, ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का लगाया आरोप, जांच और कार्रवाई की मांग

दरवाजे पर निकले छात्र की करंट लगने से दर्दनाक मौत, बिजली के खंभे में दौड़ रहा था करंट,,
मां बचाने दौड़ी, गंभीर हालत में एम्स ले जाया गया, डॉक्टरों ने किया मृत घोषित,,
ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का लगाया आरोप, जांच और कार्रवाई की मांग
गोरखपुर। झंगहा थाना क्षेत्र के राघोपट्टी पड़री फैलहा टोला में बिजली के खंभे में करंट उतरने से 19 वर्षीय छात्र की दर्दनाक मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ जब युवक रात में घर के बाहर निकला था। बेटे की चीख सुनकर मां उसे बचाने दौड़ी, लेकिन तब तक वह गंभीर रूप से झुलस चुका था। इलाज के लिए उसे पहले ब्रह्मपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और फिर गोरखपुर एम्स ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान नितिन विश्वकर्मा (19 वर्ष) के रूप में हुई है, जो इंटरमीडिएट पास छात्र था। रविवार रात करीब 9:30 बजे वह घर के बाहर लघुशंका के लिए निकला था। अंधेरा होने के कारण उसे पास में खड़े बिजली के खंभे का अंदाजा नहीं हुआ और उसका शरीर खंभे से छू गया। बताया जा रहा है कि खंभे में उस समय करंट प्रवाहित हो रहा था, जिससे वह उसकी चपेट में आ गया और जोर-जोर से चिल्लाने लगा।
चीख-पुकार सुनकर उसकी मां मीना देवी मौके पर पहुंचीं और बेटे को बचाने का प्रयास किया। इस बीच आसपास के ग्रामीण भी मौके पर एकत्र हो गए। लोगों ने तत्काल बिजली सप्लाई बंद कराई और किसी तरह नितिन को खंभे से अलग किया। गंभीर रूप से झुलसे नितिन को पहले ब्रह्मपुर पीएचसी ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसे गोरखपुर एम्स रेफर कर दिया। एम्स में जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
परिजनों ने बताया कि नितिन के पिता राजेश विश्वकर्मा का पहले ही निधन हो चुका है। परिवार में उसकी मां और बड़ा भाई विशाल विश्वकर्मा हैं, जो महाराष्ट्र में मजदूरी करता है। बेटे की असमय मौत से मां का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।
घटना के बाद ग्रामीणों में बिजली विभाग के प्रति भारी नाराजगी देखी गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिजली के खंभे में करंट दौड़ना विभाग की गंभीर लापरवाही का परिणाम है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा क्षेत्र में बिजली व्यवस्था की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।



