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हर दुआ हुई कबूल: उत्तराखंड के सभी 1526 हज आवेदकों का हुआ चयन, हज-2027 के लिए खुला मुकद्दस सफर का रास्ता,, राज्य को मिले हज कोटे के बराबर आए आवेदन, सभी पात्र जायरीन बिना कुर्राअंदाजी की प्रतिस्पर्धा के चयनित; प्रदेशभर में खुशी की लहर,, 17 अगस्त तक सभी आवश्यक दस्तावेज राज्य हज समिति में करने होंगे प्रस्तुत,,

हर दुआ हुई कबूल: उत्तराखंड के सभी 1526 हज आवेदकों का हुआ चयन, हज-2027 के लिए खुला मुकद्दस सफर का रास्ता,,

राज्य को मिले हज कोटे के बराबर आए आवेदन, सभी पात्र जायरीन बिना कुर्राअंदाजी की प्रतिस्पर्धा के चयनित; प्रदेशभर में खुशी की लहर,,

17 अगस्त तक सभी आवश्यक दस्तावेज राज्य हज समिति में करने होंगे प्रस्तुत,,

हरिद्वार/देहरादून। उत्तराखंड से हज-2027 की मुकद्दस यात्रा पर जाने की तमन्ना रखने वाले हजारों मुस्लिम परिवारों के लिए बेहद खुशियों भरी खबर सामने आई है। उत्तराखंड राज्य हज समिति ने हज-2027 के लिए प्राप्त ऑनलाइन आवेदनों की प्रक्रिया पूरी कर ली है। इस बार सबसे बड़ी और राहत देने वाली बात यह रही कि राज्य से प्राप्त सभी 1526 पात्र आवेदकों का चयन हो गया है। यानी इस वर्ष किसी भी पात्र आवेदक को निराश नहीं होना पड़ा और हर आवेदनकर्ता को अल्लाह के घर की हाजिरी का सौभाग्य प्राप्त हुआ है।

हज यात्रा इस्लाम के पांच प्रमुख अरकानों में से एक मानी जाती है और हर सक्षम मुसलमान की यह ख्वाहिश होती है कि उसे जीवन में कम से कम एक बार मक्का मुकर्रमा स्थित खाना-ए-काबा और मदीना मुनव्वरा में मस्जिद-ए-नबवी की जियारत का अवसर मिले। ऐसे में उत्तराखंड के सभी पात्र आवेदकों का चयन होना प्रदेश के मुस्लिम समाज के लिए किसी बड़ी खुशखबरी से कम नहीं है।

उत्तराखंड राज्य हज समिति के अनुसार इस वर्ष राज्य को जितना हज कोटा आवंटित किया गया था, ठीक उतने ही 1526 ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हुए। परिणामस्वरूप किसी प्रकार की प्रतिस्पर्धात्मक छंटनी की आवश्यकता नहीं पड़ी और सभी पात्र आवेदकों का चयन स्वतः सुनिश्चित हो गया। औपचारिक रूप से रेंडम डिजिटल चयन (कुर्राअंदाजी) की प्रक्रिया पूरी की गई, लेकिन कोटा और आवेदनों की संख्या समान होने के कारण प्रत्येक पात्र आवेदक चयनित घोषित किया गया।

इस घोषणा के बाद देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, नैनीताल, रुड़की, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, टिहरी, पौड़ी, चमोली, उत्तरकाशी, बागेश्वर, चंपावत और रुद्रप्रयाग सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में चयनित जायरीनों और उनके परिवारों में खुशी का माहौल है। कई परिवारों ने इसे अल्लाह की विशेष रहमत बताते हुए शुक्र अदा किया। वर्षों से हज यात्रा का सपना संजोए बैठे लोगों के लिए यह खबर भावनात्मक रूप से भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

चयनित सभी हज यात्रियों को अब समयबद्ध तरीके से आगे की सभी औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। उन्होंने कहा कि हज यात्रा की प्रक्रिया पूरी तरह निर्धारित नियमों और समयसीमा के अनुसार संचालित की जाएगी। इसलिए किसी भी चयनित जायरीन को निर्धारित तिथियों की अनदेखी नहीं करनी चाहिए।

समिति के अनुसार प्रत्येक चयनित जायरीन को 10 अगस्त 2027 तक ₹1,52,300 की पहली किस्त हज कमेटी के निर्धारित खाते में जमा करनी होगी। यह राशि समय पर जमा करना अनिवार्य है। इसके अतिरिक्त 17 अगस्त 2027 तक हज यात्रा से संबंधित सभी आवश्यक दस्तावेज उत्तराखंड राज्य हज समिति के कार्यालय में जमा कराने होंगे। समयसीमा के भीतर दस्तावेज और भुगतान पूरा होने के बाद ही आगे की यात्रा संबंधी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

हज समिति ने स्पष्ट किया है कि चयनित यात्रियों को अपने पासपोर्ट, आवश्यक प्रमाणपत्रों तथा अन्य निर्धारित दस्तावेजों की जांच पहले से कर लेनी चाहिए, ताकि अंतिम समय में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। समिति समय-समय पर आगे की प्रक्रिया, प्रशिक्षण कार्यक्रम, स्वास्थ्य संबंधी दिशा-निर्देश और यात्रा कार्यक्रम की जानकारी भी उपलब्ध कराएगी।

जानकारों का कहना है कि इस वर्ष सभी पात्र आवेदकों का चयन होना उत्तराखंड के लिए एक सकारात्मक स्थिति है। आमतौर पर कई राज्यों में आवेदनों की संख्या कोटे से अधिक होने के कारण बड़ी संख्या में लोगों को प्रतीक्षा सूची में रहना पड़ता है, लेकिन उत्तराखंड में इस बार ऐसा नहीं हुआ। इससे सभी आवेदनकर्ताओं को बिना किसी निराशा के हज यात्रा का अवसर मिल गया।

हज यात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं बल्कि आध्यात्मिक अनुशासन, त्याग, समानता और भाईचारे का संदेश भी देती है। दुनिया के विभिन्न देशों से लाखों मुसलमान एक साथ मक्का और मदीना पहुंचकर इबादत करते हैं, जिससे वैश्विक इस्लामी एकता की झलक दिखाई देती है। उत्तराखंड के चयनित जायरीन भी अब इस मुकद्दस सफर की तैयारियों में जुट गए हैं।

उत्तराखंड राज्य हज समिति ने सभी चयनित हज यात्रियों से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह या भ्रामक सूचना पर विश्वास न करें तथा केवल समिति द्वारा जारी आधिकारिक दिशा-निर्देशों का ही पालन करें। यदि किसी प्रकार की जानकारी या सहायता की आवश्यकता हो तो सीधे राज्य हज समिति से संपर्क करें।

अब उत्तराखंड के 1526 खुशनसीब जायरीन अपने जीवन के सबसे अहम और मुकद्दस सफर की तैयारियों में जुट चुके हैं। अल्लाह के घर की हाजिरी और मस्जिद-ए-नबवी की जियारत का वर्षों पुराना सपना अब हकीकत में बदलने की ओर बढ़ रहा है। पूरे प्रदेश के मुस्लिम समाज में इस चयन को लेकर उत्साह, खुशी और दुआओं का माहौल बना हुआ है।

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