पिरान कलियर पर आपत्तिजनक टिप्पणी से बढ़ा विवाद: स्थानीय लोगों और आजाद समाज पार्टी ने पुलिस को सौंपा ज्ञापन, कार्रवाई की मांग,, धार्मिक भावनाएं आहत करने और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का आरोप, निष्पक्ष जांच कर मुकदमा दर्ज करने की उठी मांग,,

पिरान कलियर पर आपत्तिजनक टिप्पणी से बढ़ा विवाद: स्थानीय लोगों और आजाद समाज पार्टी ने पुलिस को सौंपा ज्ञापन, कार्रवाई की मांग,,
धार्मिक भावनाएं आहत करने और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का आरोप, निष्पक्ष जांच कर मुकदमा दर्ज करने की उठी मांग,,
रुड़की/पिरान कलियर। पिरान कलियर के धार्मिक स्थलों को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल एक कथित वीडियो के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल देखने को मिला। स्थानीय लोगों और आजाद समाज पार्टी (एएसपी) के कार्यकर्ताओं ने कोतवाली पहुंचकर पुलिस प्रशासन को ज्ञापन सौंपा तथा मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि सोशल मीडिया पर वायरल कथित वीडियो में पिरान कलियर के धार्मिक स्थलों के संबंध में आपत्तिजनक टिप्पणियां की गई हैं, जिससे क्षेत्र के लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने हिंदू रक्षा दल के कुछ पदाधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पिरान कलियर केवल उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि देश-विदेश के लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां विभिन्न धर्मों के लोग बड़ी संख्या में पहुंचते हैं और यह स्थल वर्षों से सर्वधर्म समभाव, गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी भाईचारे का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में किसी भी धर्मस्थल या समुदाय के खिलाफ भड़काऊ अथवा आपत्तिजनक बयान क्षेत्र की शांति व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द को प्रभावित कर सकते हैं।
ज्ञापन सौंपने पहुंचे लोगों ने कहा कि यदि समय रहते ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो असामाजिक तत्व धार्मिक भावनाओं को भड़काने का प्रयास कर सकते हैं। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास न कर सके।
इस दौरान स्थानीय नागरिकों ने भी प्रशासन से सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली भड़काऊ और आपत्तिजनक सामग्री पर प्रभावी निगरानी रखने तथा अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ भी कठोर कदम उठाने की मांग की। उनका कहना था कि धार्मिक और सामाजिक सद्भाव बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है और ऐसे मामलों में कानून का सख्ती से पालन होना चाहिए।
वहीं, तहरीर के आधार पर पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी अपुष्ट या भड़काऊ सामग्री को सोशल मीडिया पर साझा न करें और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।



