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प्रेम, ब्लैकमेल और हत्या का खौफनाक खेल: बहादराबाद पुलिस ने ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री से उठाया पर्दा,,कप्तान नवनीत सिंह की अगुवाई में सनसनीखेज खुलासा,, फरार मुख्य आरोपी नावेद गिरफ्तार; गला दबाकर हत्या के बाद शव गंगनहर में फेंकने का आरोप,, डीजे पर डांस से शुरू हुआ विवाद बना खूनी अंजाम, मोबाइल और आधार कार्ड बरामद; पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कबूला जुर्म,,

प्रेम, ब्लैकमेल और हत्या का खौफनाक खेल: बहादराबाद पुलिस ने ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री से उठाया पर्दा,,कप्तान नवनीत सिंह की अगुवाई में सनसनीखेज खुलासा,,

फरार मुख्य आरोपी नावेद गिरफ्तार; गला दबाकर हत्या के बाद शव गंगनहर में फेंकने का आरोप,, डीजे पर डांस से शुरू हुआ विवाद बना खूनी अंजाम, मोबाइल और आधार कार्ड बरामद; पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कबूला जुर्म,,

हरिद्वार। हरिद्वार जनपद की बहादराबाद पुलिस ने एक सनसनीखेज और चुनौतीपूर्ण ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा करते हुए फरार चल रहे मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार प्रेम प्रसंग, ब्लैकमेल, आपसी विवाद और पारिवारिक सम्मान को लेकर बढ़ा तनाव इस हत्याकांड की वजह बना। आरोपी ने कथित तौर पर अपनी प्रेमिका की गला दबाकर हत्या करने के बाद शव को गंगनहर में फेंक दिया और कई दिनों तक सामान्य जिंदगी जीने का प्रयास करता रहा। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर मृतका का मोबाइल फोन और आधार कार्ड भी बरामद कर लिया है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह के निर्देशन में इस ब्लाइंड केस की जांच को प्राथमिकता दी गई। पुलिस अधीक्षक नगर एवं क्षेत्राधिकारी ज्वालापुर के मार्गदर्शन में प्रभारी निरीक्षक बहादराबाद के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने लगातार तकनीकी साक्ष्यों, मानवीय सूचना तंत्र और मुखबिर नेटवर्क के सहारे आरोपी तक पहुंचने में सफलता हासिल की।

पूरा मामला तब सामने आया जब 24 जुलाई 2026 को ग्राम अलीपुर निवासी मोमिन पुत्र हमीद ने कोतवाली बहादराबाद में तहरीर देकर आरोप लगाया कि उनकी पुत्री शहनुमा की हत्या गांव के ही नावेद पुत्र रियासत और उसके परिजनों ने कर दी है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा अपराध संख्या 248/2026 धारा 103(1) एवं 351(3) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

शिकायत दर्ज होने के बाद आरोपी नावेद अपने घर से फरार हो गया। पुलिस ने उसके परिजनों और अन्य संदिग्धों से लगातार पूछताछ की, लेकिन किसी ने भी उसके बारे में ठोस जानकारी नहीं दी। सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि न तो घटनास्थल स्पष्ट था और न ही मृतका का शव बरामद हुआ था। ऐसे में यह पूरी तरह ब्लाइंड मर्डर केस बन गया था। इसके बावजूद पुलिस टीम ने हार नहीं मानी और लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश देकर जांच आगे बढ़ाती रही।

आखिरकार 27 जुलाई 2026 को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी मंगलौर क्षेत्र के ग्राम भगवानपुर चंदनपुर में अपने रिश्तेदारों के यहां छिपा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से तालाब के पास खड़े एक संदिग्ध युवक को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान वह पहले पुलिस को गुमराह करता रहा, लेकिन सख्ती से पूछताछ और पहचान संबंधी दस्तावेज मांगने पर उसने अपना नाम नावेद पुत्र रियासत निवासी अलीपुर, बहादराबाद स्वीकार कर लिया।

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने जो कहानी बताई, उसने पूरे मामले की परतें खोल दीं। आरोपी के अनुसार उसका शहनुमा के साथ प्रेम संबंध था, लेकिन समय के साथ दोनों के बीच विवाद बढ़ने लगे। आरोपी ने दावा किया कि एक पारिवारिक शादी समारोह में शहनुमा के अन्य युवकों के साथ डीजे पर डांस करने से वह नाराज हो गया था। इस बात को लेकर दोनों के बीच तीखी कहासुनी हुई। आरोपी का आरोप है कि इसके बाद मृतका उसे विभिन्न मामलों में फंसाने की धमकी देने लगी, उसकी मां और बहन के लिए अभद्र भाषा का प्रयोग किया और यह भी कहा कि उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें ससुराल वालों को दिखाकर उसका रिश्ता तुड़वा दिया गया। आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह खुद को लगातार ब्लैकमेल महसूस कर रहा था और इसी कारण उसने हत्या की योजना बनाई।

पुलिस के अनुसार आरोपी ने योजना के तहत शहनुमा को कलियर बुलाया, जहां दोनों एक होटल में रुके। अगले दिन तड़के वह उसे सुनसान इलाके में ले गया और कथित तौर पर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को गंगनहर में फेंक दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी अपने गांव लौट आया और सामान्य गतिविधियां करता रहा ताकि किसी को उस पर शक न हो।

गिरफ्तारी के बाद पुलिस पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार करने की बात कही। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने मृतका का मोबाइल फोन और आधार कार्ड बरामद किया है। हालांकि शव की बरामदगी और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों को लेकर पुलिस की कार्रवाई अभी भी जारी है। मामले में आगे की विधिक प्रक्रिया अमल में लाई जा रही है।

इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि आधुनिक तकनीक, मजबूत मुखबिर तंत्र और लगातार फील्ड वर्क के दम पर पुलिस जटिल से जटिल मामलों का भी खुलासा करने में सक्षम है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह के नेतृत्व में बहादराबाद पुलिस की इस कार्रवाई को बड़ी सफलता माना जा रहा है। वहीं, इस सनसनीखेज हत्याकांड ने पूरे क्षेत्र में दहशत और चर्चा का माहौल पैदा कर दिया है।

पुलिस टीम में वरिष्ठ उपनिरीक्षक मनोज गैरोला, उपनिरीक्षक विकास रावत, उपनिरीक्षक हेमदत्त भारद्वाज, कांस्टेबल बलवन्त सिंह, कांस्टेबल अरुण चमोली, कांस्टेबल विकास थापा, कांस्टेबल सतेन्द्र चौधरी तथा सीआईयू के कांस्टेबल वसीम शामिल रहे, जिन्होंने लगातार प्रयास कर फरार आरोपी तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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